सोहना में बुधवार सुबह हल्की बूंदाबांदी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश के साथ तेज हवा या ओलावृष्टि की आशंका से गेहूं और सरसों की फसलों पर नुकसान का खतरा मंडराने लगा है। सुबह रुक-रुक कर हुई बूंदाबांदी और आसमान में छाए बादलों ने किसानों की नींद उड़ा दी है। बेमौसम बारिश से किसान अपनी खड़ी फसल को लेकर परेशान नजर आ रहे हैं। किसान भगत सिंह ने बताया कि गेहूं में बालियां और सरसों में फलियां आ चुकी हैं तथा दाना पकाव पर है। ऐसे में तेज बारिश और हवा चलने से फसल गिरने का खतरा है, जिससे 40 से 60% तक नुकसान हो सकता है। इससे किसानों की लागत भी पूरी निकलना मुश्किल हो जाएगा।

सरसों की फसल इस समय पूरी तरह पकाव पर है। ओलावृष्टि, आंधी या तेज हवा का झोंका फसल को गिराकर भारी नुकसान पहुंचा सकता है। फलियों के फटने पर दाना जमीन पर गिर जाएगा और किसान को बड़ा घाटा उठाना पड़ेगा। किसान मांगेराम ने बताया कि मंगलवार रात चली तेज हवा से ही करीब 10% नुकसान हो चुका है। उन्होंने कहा कि अगले 1-2 दिन मौसम खराब रहा तो सरसों की फलियां फटने का खतरा और बढ़ जाएगा।
वर्जन:
अभी तक फसलों को कोई नुकसान नहीं है। यदि ओलावृष्टि होने या बरसात अधिक होने से गेंहू और सरसों की दोनों फसलों को नुकसान हो सकता है। ( अजीत कुमार-कृषि अधिकारी खंड सोहना )