नगर परिषद ने शहर के बाजारों, सार्वजनिक स्थानों और सड़कों के किनारे करीब 5 साल पहले मोबाइल शौचालय बनवाए थे, ताकि स्थानीय लोगों और दूर-दराज से आने वाले नागरिकों को शौचालय की सुविधा मिल सके। इसी उद्देश्य से परिषद ने लाखों रुपये खर्च करते हुए 8 से 10 स्थानों पर करीब 27 मोबाइल शौचालय स्थापित किए थे। लेकिन मोबाइल शौचालयों का रखरखाव सही न होने के कारण उनकी हालत दिन-प्रतिदिन खराब होती चली गई, जिससे लोगों को शौच की सुविधा नहीं मिल पा रही थी। लोग मोबाइल शौचालयों के बाहर खुले में शौच करने लगे, जिससे आसपास गंदगी का माहौल बन गया और वहां से गुजरना भी मुश्किल हो गया।
मोबाइल शौचालयों को हटाया:
नगर परिषद ने शहर के करीब 8 स्थानों से लगभग 20 मोबाइल शौचालय हटा दिए हैं। इससे सार्वजनिक स्थलों पर फैली गंदगी को काफी हद तक खत्म किया गया है।

आधुनिक शौचालयों का निर्माण:
नगर परिषद अब शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण की कवायद शुरू कर चुकी है। पहले से बने पक्के शौचालयों को भी आधुनिक शौचालय का रूप दिया जा रहा है। इन आधुनिक शौचालयों में दिव्यांगजनों के लिए भी विशेष सुविधाएं उपलब्ध होंगी। परिषद द्वारा पुराने तहसील परिसर और राजीव गांधी पार्क के पास आधुनिक शौचालयों का निर्माण कार्य चल रहा है।
वर्जन:
नगर परिषद के अनुसार, मोबाइल शौचालयों की हालत अधिक खराब होने के कारण ही उन्हें हटाया गया है। शहरवासियों को जल्द ही आधुनिक शौचालयों की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। (हरिश मेहता-सफाई निरीक्षक नगरपरिषद सोहना)