नगर परिषद कार्यालय में 4 में से 3 खाली पदों पर कनिष्ठ अभियंताओं (जेई) की नियुक्ति होने से विकास कार्यों के गति पकड़ने के आसार बन गए हैं। परिषद कार्यालय में पिछले करीब चार माह से केवल एक ही जेई होने के कारण विकास कार्यों की रफ्तार धीमी पड़ गई थी। नगर परिषद के सभी 21 वार्डों में पिछले करीब 6 माह से विकास कार्य कछुआ गति से चल रहे थे। इसका मुख्य कारण परिषद कार्यालय में कनिष्ठ अभियंताओं के चार पदों में से तीन का खाली होना था। परिषद प्रशासन पिछले छह माह से केवल एक जेई के सहारे विकास कार्यों को संचालित कर रहा था। अब कनिष्ठ अभियंताओं के तीनों खाली पदों पर नियुक्ति हो चुकी है। सभी पद भरने के बाद परिषद प्रशासन ने राहत की सांस ली है। इससे परिषद के सभी 21 वार्डों में होने वाले विकास कार्यों के तेजी से आगे बढ़ने की संभावना बन गई है। प्रत्येक जेई को 5 से 6 वार्डों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
शहर में होने वाले मुख्य कार्य:
नगर परिषद के शहरी क्षेत्र में बने बरसाती और गंदे पानी के नालों की सफाई के लिए पूरे साल सफाई करवाने का ठेका देने की योजना को अमल में लाया जाएगा। इसका उद्देश्य शहर में सड़कों और आम रास्तों पर गंदा पानी जमा होने तथा जलभराव की समस्या को कम करना है।
इसके अलावा बरसात के मौसम से पहले सभी नालों की सफाई करवाई जाएगी। शहर में बनने वाले 8 स्मार्ट मार्गों के लिए बजट तैयार किया जाएगा। नगर परिषद सीमा क्षेत्र के 8 सार्वजनिक पार्कों के रखरखाव के लिए भी बजट तैयार किया जाएगा। शहर में साफ-सफाई के साथ-साथ सार्वजनिक शौचालयों की सफाई और रखरखाव की व्यवस्था को भी बेहतर बनाया जाएगा।
वर्जन:
नगर परिषद में होने वाले विकास कार्यों को पूरा कराने में कनिष्ठ अभियंता रीढ़ की हड्डी के समान काम करते हैं। विकास कार्यों का बजट तैयार करने और उनकी निगरानी की जिम्मेदारी जेई के अधीन होती है। सभी रिक्त पदों पर नियुक्ति होने के बाद अब विकास कार्यों के तेजी से आगे बढ़ने की उम्मीद है। (अजय पंघाल–कार्यकारी अभियंता नगर परिषद सोहना)
सोहना-तावडू के विधायक तेजपाल तंवर शहर का विकास गुरुग्राम की तर्ज पर कराना चाहते हैं। इसी के चलते विधायक के प्रयासों से जेई के खाली पड़े तीनों पदों पर नियुक्ति हुई है। परिषद प्रशासन पिछले छह माह से इन पदों को भरने की मांग करता आ रहा था। (सुनील कुमार रंगा-कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद सोहना)