गुरुग्राम हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। इस यात्रा में उद्योग, सेवाओं तथा कृषि सभी क्षेत्रों का संतुलित योगदान अनिवार्य है। वे रविवार को गुरुग्राम में आयोजित ग्लोबल एसोसिएशन फॉर कॉर्पोरेट सर्विसेज (GACS) के दिल्ली-एनसीआर चैप्टर कार्यक्रम को बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे। राव नरबीर सिंह ने कहा कि आजादी के समय भारत की खाद्यान्न आवश्यकताएं भी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों पर निर्भर थीं, लेकिन हमारे किसानों ने कठिन परिश्रम और समर्पण से न केवल देश को आत्मनिर्भर बनाया, बल्कि उत्पादन क्षमता भी बढ़ाई। यह क्षमता इतनी बढ़ाई कि आज हम कई देशों को अनाज निर्यात कर रहे हैं। इसके बावजूद केवल कृषि के सहारे भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना पूरा नहीं हो सकता।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्व के सभी विकसित देशों की विकास यात्रा में औद्योगिक क्रांति और तकनीकी नवाचारों की प्रमुख भूमिका रही है। इसलिए भारत को भी औद्योगिक क्षेत्र में क्रांति लानी होगी। युवाओं की प्रतिभा को तकनीकी और औद्योगिक अवसरों से जोडऩा होगा। हरियाणा में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण : राव नरबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से सुझाव आमंत्रित करते हुए कहा कि सरकार आपके हर सुझाव को गंभीरता से ले रही है और उन्हें धरातल पर लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि राज्य में उद्योगों के लिए ऐसा वातावरण तैयार किया जाए जिससे निवेश बढ़े, रोजगार के अवसर सृजित हों और हरियाणा औद्योगिक दृष्टि से देश का अग्रणी राज्य बने।
ईमानदारी और समर्पण से सेवा मेरा संकल्प : कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जब-जब उन्हें सरकार में जिम्मेदारी मिली है, उन्होंने पूरी ईमानदारी और निष्ठा से कार्य किया है और विभागीय कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाने का प्रयास किया है। उन्होंने यह विश्वास व्यक्त किया कि उद्योग और सेवाओं का क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसी क्षेत्र के मजबूत प्रयासों से भारत निकट भविष्य में वैश्विक स्तर पर और अधिक सशक्त एवं प्रभावशाली बन सकेगा। राव नरबीर सिंह ने कहा कि हमारे देश की सबसे बड़ी ताकत युवा शक्ति है। यदि युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा को सही दिशा मिले तो भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की गति और तेज हो सकती है। उन्होंने औद्योगिक संस्थानों से आह्वान किया कि वे युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण एवं रोजगार के अवसर प्रदान करें, ताकि भारत औद्योगिक क्रांति के नए युग में प्रवेश कर सके।