गुरुग्राम मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आह्वान पर डेरा सच्चा सौदा समेत विभिन्न धार्मिक संगठनों के सेवादार गुरुग्राम में सफाई तो करके चले गए, लेकिन सफाई करके एकत्रित की गई गंदगी, कूड़ा, कचरा अभी तक गुरुग्राम नगर निगम उठा नहीं पाया है। सफाई होने के 5 दिन बाद भी कई जगह पर कूड़े के ढेर लगे देखे जा सकते हैं। कूड़े के साथ-साथ पेड़ों से की गई छंटाई के अवशेष भी नगर निगम ने नहीं उठाए हैं। सफाई तो बड़े पैमाने पर हो जाती है मगर नगर निगम सफाई को बरकरार रखने में हर बात नाकाम और फेल ही साबित होता है। बता दें कि बीती 11 सितंबर 2025 को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आह्वान पर डेरा सच्चा सौदा समेत कई धार्मिक संगठनों, आरडब्ल्यूए आदि ने गुरुग्राम में स्वच्छता अभियान चलाया था।
खुद मुख्यमंत्री ने यहां पहुंचकर झाड़ू लगाकर और गंदगी उठाकर इस अभियान की शुरुआत की थी। इसके बाद सभी संगठनों के सेवादार सफाई में जुट गए। गुरुग्राम के चप्पे-चप्पे पर से सेवादारों ने 2800 टन गंदगी, कूड़ा निकालकर एकत्रित किया। जहां-जहां नगर निगम ने कूड़े की गाडिय़ों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियां उपलब्ध कराई, वहां से तो सेवादारों ने गंदगी उठाकर उनमें डाल दी। जहां पर वाहन नहीं पहुंच पाए, वहां पर सेवादार एक तरफ कूड़ा व गंदगी एकत्रित करके चले गए। उसे उठाने की जिम्मेदारी नगर निगम गुरुग्राम की थी। सफाई होने के पांचवें दिन भी सोमवार को शहर में कई स्थानों पर गंदगी के ढेर लगे नजर आए। अस्पताल के आसपास नहीं होनी चाहिए गंदगी : वैसे तो अस्पताल के आसपास गंदगी नहीं होनी चाहिए। गंदगी बीमारियां भी फैलाती है।
सफाई होने के दूसरे दिन पुराना रेलवे रोड स्थित धोबी घाट के आसपास कई जगह पर गंदगी के ढेर देखे गए। सोमवार को पांचवें दिन महत्वपूर्ण स्थान सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल के मेन गेट के पास और अस्पताल के
आपातकालीन विभाग के सामने पार्क में बड़े-बड़े गंदगी, कूड़ा व पेड़ों के अवशेषों के ढेर लगे नजर आए।
अस्पताल के मेन गेट के दोनों ओर पार्क बनाई गई है। गेट के बाईं ओर की पार्क के बाहर ही गंदगी का बड़ा ढेर लगा पड़ा है। रोज आते हैं सफाईकर्मी तो यह गंदगी क्यों नहीं उठाते : कहने को तो वहां पर रोज नगर निगम के सफाई कर्मचारी सफाई करने आते हैं, मगर उस गंदगी को उठाने की किसी ने हिम्मत नहीं की। अगर जल्द ही नहीं उठाई गई तो यह गदंगी धीरे-धीरे फैलती हुई सडक तक आ जाएगी और वाहनों के टायरों तले कुचली जाती रहेगी। इसी तरह अस्पताल के इमरजेंसी विभाग के सामने की पार्क में भी बुरे हाल हैं। गंदगी से अटे पार्क में सफाई करके सेवादार चमका कर चले गए हैं।
वाहन नहीं होने के कारण वहां सफाई वाले दिन गंदगी नहीं उठाई गई। दुख इस बात का है कि सफाई
किए जाने के पांचवें दिन भी वहां से गंदगी नहीं उठाई गई। बड़े-बड़े ढेर वहां पर लगे हुए हैं। भूतेश्वर मंदिर के पीछे की तरफ पेड़ों के अवशेष पड़े : नगर निगम की कोताही की एक ओर बानगी है खांडसा रोड पर भूतेश्वर मंदिर के ठीक पीछे मेन रोड। वहां पर पेड़ों से टहनियां काफी झुकी हुई थी। ये टहनियां यातायात के लिए भी बाधा बनती थी। इन टहनियों को काट दिया गया। लापरवाही यहां भी देखिये कि अब तक इन टहनियों को भी नहीं उठाया गया है। दुकानदारों में भी इसका रोष है। इन पेड़ों की छाया में लोग आराम फरमा लिया करते थे, लेकिन यहां से पेड़ों के अवशेष नहीं उठाए जा रहे।