नवीनतम पोस्ट

भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत जल संसाधन,

जिला कल्याण अधिकारी ममता शर्मा ने बताया कि सामाजिक न्याय

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में सत्युग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी Board of Control for Cricket

देश में न्यायाधीशों की पद पर बने रहने की आयु सीमा बढ़ाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं : सरकार

शेयर करे :

सरकार ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में कहा कि देश की विभिन्न अदालतों में न्यायाधीशों की पद पर बने रहने की आयु सीमा बढ़ाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उच्च सदन में विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने प्रश्नकाल के दौरान भाजपा के संजय सेठ द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में यह बात कही। सेठ ने पूरक प्रश्न पूछते हुए सरकार का ध्यान दिलाया कि सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में उठाए गए विभिन्न कदमों से देश में नागरिकों की औसत आयु सीमा बढ़ गई है। सेठ ने कहा कि अमेरिका में उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश आजीवन सेवा देते हैं, जबकि ब्रिटेन, बेल्जियम, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया आदि देशों में इनकी आयु 70 वर्ष तक होती है। उन्होंने कहा कि भारत में जिला अदालतों में न्यायाधीशों की आयु सीमा 60 वर्ष, उच्च न्यायालयों में 62 वर्ष और उच्चतम न्यायालय में 65 वर्ष है।

उन्होंने सरकार से जानना चाहा कि अदालतों में लंबित मामलों की बड़ी संख्या को देखते हुए क्या वह न्यायाधीशों की पद पर बने रहने की आयु सीमा बढ़ाने पर विचार कर रही है। इसके जवाब में मेघवाल ने कहा, अभी कोई ऐसा प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। कानून मंत्री ने देश की अदालतों पर मामलों के भारी बोझ संबंधित पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि सरकार ने राष्ट्रीय न्यायिक डेटा ग्रिड बनाया है, जिसमें मामलों का विश्लेषण किया जाता है। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय में एक समिति बनी हुई है, जिसमें यह देखा जाता है कि 50 साल, 40 साल, 30 साल, 20 साल या कितने पुराने मामले हैं तथा उच्चतम न्यायालय ऐसे मामलों को जल्द निबटाने का प्रयास करता है। कांग्रेस के शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि देश के उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों के 297 पद खाली पड़े हैं जिनमें गुजरात उच्च न्यायालय के 16 रिक्त पद शामिल हैं। उन्होंने सरकार से जानना चाहा कि इन खाली पड़े पदों को भरने के लिए क्या किया जा रहा है।

इस प्रश्न के उत्तर में मेघवाल ने सदन को बताया कि देश के उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों के कुल 1122 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से अभी 825 पदों पर न्यायाधीश काम कर रहे हैं और 297 पद खाली पड़े हैं। उन्होंने कहा कि इनमें 97 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चालू है तथा 200 पदों के लिए उच्च न्यायालय कॉलेजियम से प्रस्ताव अभी सरकार के पास आने हैं। मेघवाल ने सदन को आश्वासन दिया कि जब कॉलेजियम से प्रस्ताव आएगा तो सरकार न्यायाधीशों के पदों को भरने के लिए अवश्य कार्वाई करेगी। आम आदमी पार्टी की स्वाति मालीवाल ने पूरक प्रश्न पूछते हुए सरकार का ध्यान दिलाया कि देश में हर घंटे 51 महिलाओं के साथ अपराध होता है। उन्होंने सरकार से जानना चाहा कि देश के उच्च न्यायालयों में जो 63 लाख मामले हैं, उनको निबटाने तथा देश भर की अदालतों में न्यायाधीशों के रिक्त पदों को भरने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। कानून मंत्री ने इसका जवाब देते हुए कहा कि केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत ही देश में फास्ट ट्रैक अदालतें, पाक्सो अदालतें गठित की गई हैं। उन्होंने कहा कि देश के 29 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में 400 ई-पाक्सो अदालतों के साथ 773 फास्ट ट्रैक अदालतें काम कर रही हैं।

शेयर करे:

संबंधित पोस्ट

जिला कल्याण अधिकारी ममता शर्मा ने बताया कि सामाजिक न्याय और आधिकारिता, अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग कल्याण तथा अन्त्योदय (सेवा) विभाग हरियाणा, द्वारा 19

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में रोटरी क्लब वन और साईं धाम संस्था के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस

हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार “समाधान शिविर” की पहल जिला वासियों के लिए लाभकारी साबित हो रही है। आज सोमवार को सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय के

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में सिटी प्रैस क्लब फरीदाबाद द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महिला पत्रकार, महिला चिकित्सक, महिला

हमसे संपर्क करें