जिला उपायुक्त विक्रम सिंह ने मंगलवार को यमुना नदी से सटे संवेदनशील गांवों का दौरा कर प्रशासनिक तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को आपदा प्रबंधन से जुड़े आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि बढ़ते जल स्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सभी संसाधनों को सक्रिय कर दिया गया है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे प्रशासन द्वारा बनाए गए सेफ होम्स में समय रहते शिफ्ट हो जाएँ। इन सेफ होम्स में प्रशासन की ओर से रहने की जगह, खाने-पीने की सामग्री, दवाइयाँ और प्राथमिक उपचार की सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। उपायुक्त ने कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन द्वारा जारी की जा रही आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के निवासी किसी भी प्रकार की सहायता के लिए प्रशासन के हेल्पलाइन नंबर 0129-2227937 या 0129-2226262 पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीणों को सचेत किया कि रात्रि समय में जल स्तर बढ़ने की संभावना रहती है, इसलिए लोग पूरी सतर्कता और सावधानी बरतें। DC विक्रम सिंह ने कहा कि प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद दी जाएगी। फसलों के नुकसान की भरपाई हेतु सरकार द्वारा बनाए गए क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आवेदन करने पर पात्र लाभार्थियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत एवं बचाव कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाए और जरूरतमंद परिवारों तक तुरंत मदद पहुँचाई जाए।
उपायुक्त ने इस दौरान गाँव बसंतपुर, लालपुर, भूपानी, अलीपुर, शिकारगाह, मंझावाली सहित यमुना क्षेत्र से सटे अन्य संवेदनशील गांवों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहाँ की व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया और स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना। निरीक्षण के दौरान उनके साथ एडीसी सतबीर मान, डीसीपी राजकुमार वालिया, पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य विभाग, बिजली निगम एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
DC ने अंत में कहा कि प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य कर रहा है। किसी भी आपात स्थिति में जिला प्रशासन की टीमें मौके पर तुरंत पहुँचेगी और हर संभव मदद प्रदान करेगी। जिले के 27 गांव संवेदनशील किए घोषित : जिला फरीदाबाद में यमुना नदी के तटवर्ती 27 गांवों को प्रशासन ने संवेदनशील घोषित किया है। इन सभी गांवों में किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए ग्राम सचिव, सरपंच, पटवारी तथा बीडीपीओ स्तर के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। डीसी, एडीसी, एसडीएम सहित प्रशासन के उच्च अधिकारी मौके पर जाकर पल-पल की स्थिति का जायजा ले रहे हैं। इनमें से कुछ गाँवों को सबसे अधिक संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है, जिनमें बसंतपुर, किडावली, लालपुर, महावतपुर, राजपुर कलां व तिलोरी खादर, अमीपुर व चिरसी, मंझावली, चंदपुर, मोठुका, अरुआ, छांयसा और मोहना प्रमुख हैं।
इन गाँवों में प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने, टीमें गठित करने और स्थिति पर कड़ी नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। ददसिया, जसाना, कांवरा में बारात घर को और राजपुर कलां में सामुदायिक भवन को सेफ होम चिन्हित किया गया है। वहीं तिगांव ब्लाक के गाँव अरुआ और मोठुका में शेल्टर होम स्थापित किये गये हैं।