कांग्रेस ने सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के पूर्व नेता द्वारा राहुल गांधी पर की गई विवादास्पद टिप्पणी को लेकर सोमवार को भारतीय जनता पार्टी एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर हमला जारी रखते हुए कहा कि जो लोग वैचारिक लड़ाई हार रहे हैं और जिनकी चोरीै उजागर हो गई है, वे विपक्ष के नेता को चुप कराने के लिए साजिश रच रहे हैं। मुख्य विपक्षी दल ने यह भी कहा कि भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह अपने प्रवक्ता के इस कृत्य का समर्थन करती है और यदि नहीं करती है तो कार्वाई करनी चाहिए।
कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने आरएसएस की छात्र इकाई एबीवीपी के पूर्व नेता प्रिंटू महादेव द्वारा राहुल गांधी को दी गई धमकी का उल्लेख करते हुए भाजपा पर तीखे हमले किए। वेणुगोपाल ने कहा, एक भाजपा प्रवक्ता ने एक टीवी चैनल पर बहस के दौरान खुली धमकी दी। मुझे नहीं पता कि केरल पुलिस कार्वाई क्यों नहीं कर रही है, इसलिए मैंने अमित शाह जी को लिखा। भाजपा प्रवक्ता की ओर से स्पष्ट धमकी है… हमें लगता है कि यह एक बड़ी साजिश का हिस्सा है।
मुझे अभी तक गृह मंत्री से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। उन्होंने यह भी कहा, हम भाजपा से जानना चाहते हैं कि क्या वह इस कृत्य के साथ है ? अगर नहीं, तो उन्हें उस प्रवक्ता के खिलाफ कार्वाई करनी चाहिए। वेणुगोपाल ने रविवार को इस मामले को लेकर गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा था। उन्होंने कहा था कि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ तुरंत कार्रवाई न करने को लोकसभा में विपक्ष के नेता के खिलाफ हिंसा में मिलीभगत और हिंसा को सामान्य बनाने के रूप में देखा जाएगा।
वेणुगोपाल ने दावा किया था कि महादेव भाजपा के प्रवक्ता हैं और उन्होंने यह टिप्पणी एक मलयालम चैनल पर एक टेलीविजऩ बहस के दौरान की थी। कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने सोमवार को कहा, भाजपा के एक प्रवक्ता ने टीवी पर कहा कि राहुल गांधी के सीने में गोली मार दी जाएगी और उस प्रवक्ता पर कोई कार्वाई भी नहीं की गई। खेड़ा ने कहा, इससे पहले सीआरपीएफ ने (कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन) खरगे जी को राहुल गांधी की सुरक्षा को लेकर एक पत्र लिखा था और उसे लीक कर दिया गया था।