फरीदाबाद में पिता ने अपनी 2 बेटियों के साथ कमरे में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। मृतक की पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी है। इसके बाद परिवार उस पर दूसरी शादी करने का दबाव बनाया रहा था। मृतक के भाई की पत्नी की सात महीने पहले हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है। परिवार में दोनों बच्चियों को संभालने के लिए कोई महिला नहीं थी। जिसको लेकर घर में भाई के साथ उसका झगड़ा हो रहा था। दोनों एक-दूसरे को शादी करने की बात कहते थे।
इसी के चलते निखिल ने गुरुवार शाम पहले बेटियों को फांसी लगाई और फिर खुद फांसी पर लटक गया। शुक्रवार को तीनों शवों का पोस्टमॉर्टम किया गया। पुलिस के अनुसार, 35 साल का निखिल सेक्टर-8 में अपने परिवार के साथ रह रहा था। मूल रूप से उनका परिवार यूपी का रहने वाला है। करीब 40 साल से फरीदाबाद में ही पिता उदय शंकर और भाई मनीष के साथ रहता था। निखिल की पत्नी पूजा की डेढ़ महीने पहले बच्चे की डिलवरी के दौरान मौत हो गई थी। तब से ही निखिल परेशान रहता था। दोनों बच्चों की जिम्मेदारी भी उसी पर थी। घर में कोई महिला न होने की वजह से उस पर दूसरी शादी का भी दबाव बनाया जा रहा था।
पिता टहलने गए थे बाहर, घर पर अकेला था निखिल: मृतक निखिल के पिता उदय शंकर ने बताया कि वह करीब शाम के 7 बजे घर से टहलने के लिए निकले थे। उस समय निखिल अपनी बेटियों दो साल की सिद्धि और डेढ़ माह की बेटी रिद्धि साथ घर पर अकेला था। भाई ड्यूटी पर गया था। निखिल अपनी दोनों बेटियों के साथ फर्स्ट फ्लोर पर ही रहता था। करीब 8 बजे उदय शंकर वापस घर पर पहुंचे। उस समय निखिल के कमरे का दरवाजा बंद था। कमरे के अंदर से कोई आवाज नहीं आ रही थी। उन्होंने निखिल को काफी आवाज लगाई और दरवाजा खोलने की कोशिश की। लेकिन अंदर से किसी ने दरवाजा नहीं खोला। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा, तो फंदे पर लटके मिले शव: पिता ने मामले की सूचना पड़ोसियों को दी और पुलिस को भी बुलाया। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा। देखा कि निखिल ने अपनी दोनों बेटियों को फांसी पर लटकाया हुआ था।
दूसरे कमरे में खुद भी फांसी लगाई हुई थी। पुलिस ने तीनों शवों को फांसी से फंदे से उतारकर पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया। परिजनों ने अनुसार, निखिल की पत्नी पूजा की डेढ़ महीने पहले छोटी बेटी की डिलवरी के समय अधिक ब्लड लोस होने के कारण मौत हो गई थी। निखिल के भाभी की फरवरी 2025 में हार्टअटैक से मौत हो गई थी। निखिल पहले ठेकेदारी का काम करता था, जो उसने बंद कर दिया था। बडा भाई मनीष एक निजी कपंनी में काम करता है। पिता उदय शंकर इंडियन ऑयल कंपनी सेक्टर 12 से रिटायर्ड है। मनीष के बच्चे उसकी पत्नी के मरने के बाद अपने मामा के घर पर रह रहे हैं।
परिजनों के अनुसार, घर में किसी भी महिला के न होने के कारण निखिल के लिए बच्चों को संभालना काफी मुश्किल हो रहा था। ऐसे में निखिल का परिवार उस पर दूसरी शादी करने के लिए दबाव बना रहा था। इसे लेकर निखिल और उसके भाई मनीष के बीच झगड़ा होता रहता था। दोनों भाई एक दूसरे पर शादी करने का दबाव बना रहे थे। जिसके कारण निखिल मानसिक रूप से भी ज्यादा परेशान रहने लगा था। निखिल आस-पास के लोगों से भी कोई बात नहीं करता था।