सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) ने शनिवार को एक पत्र जारी करके हाल की उस घटना की एकड़ निंदौ की, जिसमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान एक महिला डॉक्टर का नकाब हटा दिया था। पत्र में कहा गया है कि यह चौंकाने वाली बात है कि इतने ऊंचे पद पर बैठा कोई व्यक्ति महिला के सिर से नकाब खींचकर उसकी गरिमा या निर्णय लेने की स्वतंत्रता को ठेस पहुंचाने की कोशिश करे। यह घटना सोमवार को पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय में उस समय हुई थी, जब आयुष चिकित्सक नियुक्ति पत्र प्राप्त करने के लिए एकत्र हुए थे।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो क्लिप के अनुसार, जब महिला चिकित्सक नियुक्ति पत्र लेने मंच पर पहुंचीं, तो मुख्यमंत्री ने उनका नकाब देखा और कहा, यह क्या है और फिर नकाब हटा दिया। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) के पत्र में कहा गया है, यह उनके निर्णय लेने की स्वतंत्रता, अधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करने के अलावा, सामान्य तौर पर महिलाओं के प्रति घटिया सोच भी दिखाता है। इसमें केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और उत्तर प्रदेश के मंत्री संजय निषाद द्वारा की गई अशोभनीय टिप्पणियों की भी निंदा की गई और कहा गया कि ऐसी टिप्पणियां महिलाओं की गरिमा को कमतर करती हैं।
एससीबीए सचिव प्रज्ञा बघेल द्वारा हस्ताक्षरित इस बयान में कहा गया कि एसोसिएशन दोनों कृत्यों को एक महिला की व्यक्तिगत गरिमा का गंभीर उल्लंघन मानता है। यह संविधान में बताए गए समानता और गैर-भेदभाव के सिद्धांतों का निरादर है और मुख्यमंत्री और अन्य लोगों से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की गई है।