यमुना का जलस्तर तेजी के साथ नीचे की तरफ जा रहा है। यमुना में सुबह 10 बजे तक 1 लाख 33 हजार 037 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया है। जबकि इससे पहले 4 सिंतबर को यमुना में 2 लाख 44 हजार 478 क्यूसेक पानी था। यमुना में पानी का डेंजर लेवल 200 मीटर से घटकर 199 मीटर आ गया है। लेकिन निचले इलाकों में अभी भी जलभराव है। अब तक 750 लोगों को सुरक्षित स्थलों पर निकाला गया है।
जिले में 12 राहत शिविर सक्रिय हैं, जिनमें फिलहाल 750 लोग ठहरे हुए हैं। पिछले 1 सप्ताह से पानी में डूबे गांव बसंतपुर में लगभग 3 फुट पानी का जलस्तर कम हो गया है। जिससे जल्द हालात सामान्य होने की उम्मीद है। इसके अलावा भूपानी, नचोली, राजपुरा, अल्लीपुर, चांदपुर, ताजपुर, दूल्हेपुर, मोहना, चिरसी, ददसिया, कबूलपुर, मंझावली सहित कई अन्य गांव में अभी भी जलभराव है। प्रशासन द्वारा इन गांव में अभी भी राहत कार्य लगातार जारी हैं।
बाढ़ की मार से जिले में आवासीय और कृषि दोनों स्तरों पर नुकसान हुआ है। अब तक 270 मकान आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं। वहीं फसलें भी बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिनका आकलन किया जा रहा है। किसान क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। यह पोर्टल सरकार की ओर से 15 सितंबर तक खोला गया है। DC विक्रम सिंह ने कहा कि किसानों को हर संभव प्रयास कर नुकसान की भरपाई कराई जाएगी, बशर्ते वह इसका पूरा विवरण पोर्टल पर आवेदन कर सरकार के साथ साझा करें।