
राहुल गांधी की अगुवाई में शुरू हुई यात्रा, सामाजिक न्याय और संविधान बचाने पर फोकस
कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा चुनाव 2024 में अपेक्षा से कम प्रदर्शन के बाद अब अपनी सियासी जमीन फिर से मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर जनसंपर्क अभियान शुरू किया है। इस अभियान का नाम रखा गया है ‘न्याय यात्रा’, जिसका नेतृत्व खुद राहुल गांधी करेंगे। यात्रा की शुरुआत 15 अगस्त 2025 से छत्तीसगढ़ से होगी और यह 120 दिनों में 22 राज्यों को कवर करेगी।
राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हमारा मकसद सिर्फ वोट नहीं है, बल्कि देश के हर वर्ग को न्याय दिलाना है — आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक।” उन्होंने कहा कि दलित, आदिवासी, पिछड़े और गरीब तबकों को इस यात्रा से जोड़ना ही प्रमुख उद्देश्य है।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि यात्रा के दौरान हर दिन तीन सभाएं होंगी। यात्रा में डिजिटल माध्यमों से ‘जस्टिस प्वाइंट’ बनाए जाएंगे जहां लोग अपनी शिकायतें और सुझाव दर्ज करवा सकेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह यात्रा राहुल गांधी को एक बार फिर “जननेता” के रूप में स्थापित करने की कोशिश है, जैसा प्रभाव उन्होंने भारत जोड़ो यात्रा में दिखाया था।
भाजपा ने इस यात्रा को “राजनीतिक स्टंट” बताया है। बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा, “जब जनता ने नकार दिया, तो अब सड़कों पर सहानुभूति जुटाने की कोशिश हो रही है।”
फिर भी, कांग्रेस इसे अपनी नई विचारधारा और संगठनात्मक मजबूती का प्रदर्शन मान रही है। यात्रा के दौरान रैली, नुक्कड़ सभा, डिजिटल प्रचार और क्षेत्रीय मुद्दों पर मंथन भी शामिल रहेगा।