
शुगर कंट्रोल के लिए नई दवाओं और तकनीकों की खोज जारी:
India Today Health Survey के अनुसार, भारत में 14% वयस्क मधुमेह (डायबिटीज) से पीड़ित हैं। खास बात यह है कि इनमें से करीब 50% को अपने डायबिटिक होने की जानकारी ही नहीं है।
विशेषज्ञों के अनुसार अनियमित जीवनशैली, प्रोसेस्ड फूड, नींद की कमी और तनाव इसके पीछे मुख्य कारण हैं। बड़े शहरों में यह प्रतिशत 20% तक पहुंच चुका है।
हाल ही में एक भारतीय स्टार्टअप ने “Continuous Glucose Monitoring Patch” विकसित किया है, जो मोबाइल ऐप से ब्लड शुगर ट्रैक करता है। यह नवाचार खासतौर पर Type-2 डायबिटीज मरीजों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है।
नई दवाएं जैसे GLP-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट, इंसुलिन पंप्स और डिजिटल थैरेपी ऐप्स तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि हर 6 महीने में ब्लड शुगर की जांच और HbA1c टेस्ट कराना आवश्यक है।