भारतीय टीम के एशिया कप मैच के बाद पाकिस्तानी टीम से हाथ नहीं मिलाने के फैसले को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया और पीसीबी ने खीझकर मैच रैफरी एंडी पायक्रॉफ्ट को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए हटाने की मांग की। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने रविवार को सात विकेट से मिली जीत के बाद टीम के फैसले का बचाव करते हुए कहा था कि यह पहलगाम आतंकवादी हमले से पीडि़त परिवारों के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए था। पाकिस्तान के खिलाफ खेलने के लेकर भारतीय क्रिकेट टीम को कड़ी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने समूचे घटनाक्रम पर नाराजगी जताते हुए एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) से शिकायत की और अब आईसीसी के दखल की मांग की है। एसीसी के अध्यक्ष पीसीबी प्रमुख मोहसिन नकवी हैं जबकि आईसीसी अध्यक्ष भारत के जय शाह है। एशिया कप आईसीसी का नहीं बल्कि एसीसी का टूर्नामेंट है। नकवी ने एक्स पर लिखा , पीसीबी ने क्रिकेट की भावना से जुड़े एमसीसी के नियम और आईसीसी आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर मैच रैफरी के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी है। पीसीबी ने मैच रैफरी को एशिया कप से तुरंत हटाने की मांग की है। पीसीबी ने पहले कहा था कि पायक्रॉफ्ट ने पाकिस्तानी कप्तान सलमान अली आगा से टॉस के समय कहा था कि भारतीय कप्तान से हाथ नहीं मिलाए।
पाकिस्तानी टीम के मैनेजर नवीद चीमा ने एसीसी के समक्ष शिकायत दर्ज करके आरोप लगाया है कि पायक्रॉफ्ट के कहने पर दोनों कप्तानों ने टीमशीट का आदान प्रदान नहीं किया। बीसीसीआई ने अभी तक पीसीबी के बयान का जवाब नहीं दिया है लेकिन समझा जाता है कि अगर भारत 28 सितंबर को फाइनल में पहुंचता है तो खिलाड़ी नकवी के साथ मंच साझा नहीं करेंगे। नकवी एसीसी प्रमुख होने के नाते विजई टीम को ट्रॉफी दे सकते हैं। दोनों टीमों ने टॉस और वॉर्मअप के समय भी एक दूसरे से बात नहीं की। दोनों कप्तानों ने टीमशीट मैच रैफरी को सौंपी। पीसीबी ने इससे पहले बयान में कहा, टीम मैनेजर नवीद चीमा ने मैच के बाद हाथ नहीं मिलाने वाले भारतीय खिलाडिय़ों के बर्ताव का कड़ा विरोध किया है। यह खेल भावना और खेल के विपरीत आचरण है। विरोध के तौर पर हमने अपने कप्तान को मैच के बाद समारोह में नहीं भेजा। सूर्र्यकुमार ने जीत के बाद कहा था, हमने मिलकर यह फैसला लिया था।
हम यहां सिर्फ मैच खेलने आए थे और मुझे लगता है कि हमने माकूल जवाब दिया। एक पाकिस्तानी पत्रकार ने जब पूछा कि जीत के बाद विरोधी टीम से हाथ नहीं मिलाने का फैसला क्या राजनीति से प्रेरित था, इस पर कप्तान ने कहा, मेरा मानना है कि जीवन र्में कुछ चीजें खेल भावना से ऊपर भी होती है। हम पहलगाम आतंकवादी हमले के पीडि़तों के साथ हैं और यह जीत अपने सशस्त्र बलों को समर्पित करते हैं। समझा जाता है कि BCCI और टीम प्रबंधन ने अपने रूख को लेकर आपस में बातचीत की थी क्योंकि मैच खेलने के
खिलाफ भारत में विपक्षी दलों से लेकर सोशल मीडिया तक काफी विरोध हो रहा था। यह भी समझा जा
रहा है कि हाथ नहीं मिलाने का फैसला नीतिगत है और अगले रविवार को अगर पाकिस्तान से सुपर 4
चरण में फिर मुकाबला होता है तो इसे दोहराया जाएगा। दोनों टीमें 28 सितंबर को फाइनल में भी भिड़
सकती हैं।