चीनी साइबर ठगों के दुबई में संचालित कॉल सेंटर में साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने का आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ा है। पकड़ा गया आरोपी लगभग 30 बैंक खाते अपने साथी साइबर ठगों को उपलब्ध करवा चुका है। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने शनिवार को बताया कि साइबर ठग व्हाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से व फर्जी ऐप पर स्टॉक ट्रेडिंग में इन्वेस्टमेन्ट करके अच्छा मुनाफा कमाने का प्रलोभन देकर ठगी करते थे। जानकारी के अनुसार 27 सितंबर 2024 को एक महिला ने पुलिस थाना साइबर अपराध पूर्व गुरुग्राम की पुलिस टीम को एक शिकायत दी।
शिकायत में कहा गया कि व्हाट्सग्रुप माध्यम से स्टॉक ट्रेडिंग में इन्वेस्टमेन्ट करके अच्छा मुनाफा कमाने का प्रलोभन देकर धोखाधड़ी से ठगी कर ली गई। इस शिकायत पर पुलिस थाना साईबर अपराध पूर्व में केस दर्ज किया गया। सहायक पुलिस आयुक्त साइबर अपराध प्रियांशु दिवान के नेतृत्व में साइबर अपराध पूर्व के प्रबंधक निरीक्षक अमित कुमार की टीम ने इस मामले में एक व्यक्ति को काबू किया। वह ठगी की वारदातों को अंजाम देने के आरोपियों को बैंक खाते उपलब्ध कराता था। आरोपी की पहचान अलीश निजामुद्दीन (उम्र 22 वर्ष, शिक्षा 10वीं) निवासी गैलक्सी अपार्टमेंट जिला सूरत (गुजरात) के रुप में हुई। पुलिस टीम द्वारा आरोपी पंकज को अदालत में पेश करके 7 दिन के पुलिस हिरासत रिमांड पर लिया गया।
आरोपी जीतू भाई के बैंक खाते में ट्रांसफर हुए 14.52 लाख रुपये : पुलिस हिरासत रिमांड दौरान आरोपी से पूछताछ में पता चला है कि ठगी गई राशि में से 14 लाख 52 हजार रुपए आरोपी जीतू भाई के बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे। उसने अपना यह बैंक खाता आरोपी अलीश निजामुद्दीन को बैंक खाते में ट्रांसफर होने वाली राशि के 2 % कमीशन पर बेचा था। आरोपी अलीश निजामुद्दीन ने यह बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को बैंक खाते में ट्रांसफार होने वाली राशि के 10 % कमीशन पर बेचा था। आरोपी ने बताया कि इसने लगभग 30 बैंक खाते दुबई में रहने वाले भारतीय मूल के किसी व्यक्ति को बैंक खाते में ट्रांसफर होने वाली राशि के 10 % कमीशन पर बेचे थे। पिछले साल दुबई गया और वहां साइबर ठगों से मिल गया : आरोपी से पुलिस पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि वह वर्ष-2024 में दुबई गया था। वहां चाइना मूल के लोगों/साईबर ठगों द्वारा ग्रैंड मॉल में संचालित कॉल सेंटर में नौकरी/साईबर ठगी करने लगा। चाइना के साइबर ठगों को बैंक खाते भी उपलब्ध कराता था। आरोपी 15 सितम्बर 2025 को भारत आया था। गुरुग्राम पुलिस द्वारा तकनीकी व अपने विश्वसनीय सूत्रों की सहायता से उसको काबू कर लिया। आरोपी से दुबई में साईबर ठगी करने के लिए दुबई में संचलित कॉल सेंटर्स व इन कॉल सेंटर्स में काम करने वाले भारतीय मूल व अन्य देशों के साईबर ठगों/आरोपियों के बारे में गहनता से पूछताछ की जा रही है।