प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि माल एवं सेवा कर (GST) में सुधार जारी रहेंगे तथा अर्थव्यवस्था के और मजबूत होने पर नागरिकों पर कर का बोझ और कम होगा। मोदी ने कहा कि देश में वर्तमान में सुधारों के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति है। साथ ही उसके पास लोकतांत्रिक और राजनीतिक स्थिरता भी है।
उन्होंने यहां आयोजित उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले का उद्घाटन करने के बाद कहा कि जीएसटी में संरचनात्मक सुधार देश की विकास गाथा को नई उड़ान देंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने करों में उल्लेखनीय कमी की है, महंगाई पर लगाम लगाई है और लोगों की आय तथा बचत दोनों में बढ़ोत्तरी की है। उन्होंने कहा कि 12 लाख रुपए तक की आय को कर-मुक्त करके और नए जीएसटी सुधारों को लागू करके देश के नागरिक इस वर्ष 2.5 लाख करोड़ रुपए की बचत कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने साल 2017 में जीएसटी लागू करके अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में सुधार किए। यह अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था और इसके बाद इस साल सितंबर में और सुधार किए गए। उन्होंने कहा, आज देश गर्व से जीएसटी बचत उत्सव मना रहा है। मैं आपको बताना चाहता हूं कि हम यहीं नहीं रुकेंगे। जैसे-जैसे आर्थिक मजबूती बढ़ेगी, कर का बोझ कम होता जाएगा। नागरिकों के आशीर्वाद से जीएसटी में सुधार जारी रहेंगे। प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों पर अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए झूठ फैलाने का भी आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में टैक्स की लूट मची थी। उन्होंने कहा, नए जीएसटी रिफॉर्म से गरीब नव मध्यम वर्ग, मध्यम वर्ग सब की बचत हुई है लेकिन इसके बावजूद कुछ राजनीतिक दल देश के लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं…। 2014 से पहले वह जब सरकार चला रहे थे उसकी नाकामियां छुपाने के लिए कांग्रेस और उसके साथी दल जनता से झूठ बोल रहे थे। सच्चाई यह है कि कांग्रेस सरकारों के समय टैक्स की लूट मची हुई थी और लूटे हुए धन में से भी लूट होती थी।
मोदी ने आरोप लगाते हुए कहा, देश के आम नागरिकों को कर की मार से निचोड़ जा रहा था। यह हमारी सरकार है जिसने कर को बड़े पैमाने पर कम किया है, महंगाई कम की है। हमने देश के लोगों की आमदनी बढ़ाई है और बचत भी बढ़ाई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने के अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, वैश्विक व्यवधानों और अनिश्चितता के बावजूद भारत का विकास आकर्षक बना हुआ है। व्यवधान भारत को भटकाते नहीं हैं, बल्कि नई दिशाएं दिखाते हैं। मोदी ने कहा कि इन चुनौतियों के बीच भारत आने वाले दशकों के लिए एक मजबूत नींव रख रहा है। उन्होंने दोहराया कि देश का संकल्प और मार्गदर्शक मंत्र आत्मनिर्भर भारत है। उन्होंने भारत को आत्मनिर्भर बनाने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि दूसरों पर निर्भरता से बड़ी कोई लाचारी नहीं है।
बदलती दुनिया में एक देश जितना अधिक दूसरों पर निर्भर होता है उसका विकास उतना ही प्रभावित
होता है। मोदी ने कहा कि अब हर भारतीय स्वदेशी से जुड़ गया है और स्थानीय उत्पाद खरीदना चाहता है। उन्होंने कहा, यह स्वदेशी हैै, कहने का भाव पूरे देश में महसूस किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने व्यापारियों से इस मंत्र को अपनाने और भारत में बने उत्पादों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। मोदी ने अपने संबोधन में उत्तर प्रदेश द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में की जा रही प्रगति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह राज्य निवेश की असाधारण संभावनाओं से भरा हुआ है। प्रधानमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में अब देश में सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे हैं, अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों की संख्या सबसे अधिक है और देश में बनने वाले सभी मोबाइल फोन में से लगभग 55 % इसी राज्य में बनते हैं। उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश में एक प्रमुख सेमीकंडक्टर सुविधा का संचालन शुरू होने वाला है। यह सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को भी मजबूत करेगा।