नेताजी सुभाष चन्द्र बोस खेल परिसर पलवल व जिले के दूसरे खेल परिसरों में स्केटिंग ट्रैक की सुविधा नहीं होने से स्केटिंग का खेल जिला पलवल में आगे नहीं बढ़ पा रहा हैं। जिससे क्षेत्र के स्केटिंग खेल के खिलाड़ियों में खेल विभाग के खिलाफ नाराजगी है। स्केटिंग का ट्रैक नहीं होने से क्षेत्र के खिलाड़ी दूसरे शहरों के स्केटिंग ट्रैक में जाकर अपने खेलों की तैयारी करने को मजबूर है। दूसरे शहरों के स्केटिंग ट्रैक में जाकर स्केटिंग की तैयारी करने से खिलाड़ियों का समय और धन बर्बाद होता है।
जिससे खिलाड़ियों में भारी नाराजगी है। जानकारी के अनुसार जिला पलवल को बने 18 साल के करीब हो गए हैं। परंतु अभी भी जिला पलवल के पलवल, होडल, हथीन, हसनपुर शहरों मे स्केटिंग ट्रैक की कोई सुविधा नहीं हैं। जिसकी वजह से स्केटिंग खेल खेलने वाले खिलाड़ियों को फरीदाबाद, गुरूग्राम, दिल्ली, पंचकूला आदि शहरों में जाकर वहां के स्केटिंग ट्रैकों में जाकर अपनी स्केटिंग खेलों की तैयारी करनी पड़ रही हैं। दूसरे शहरों में जाकर स्केटिंग खेल की तैयारी करने में खिलाड़ियों का समय और धन बर्बाद होता है। दूसरे शहरों में जाकर स्केटिंग खेल की तैयारी करने का खर्चा गरीब, लड़कियां आदि नहीं उठा पाते हैं। जिसकी वजह से वे स्केटिंग खेल को कई बार बीच में ही छोड़ने को मजबूर होते हैं।
खिलाड़ियों का कहना है कि वहीं महिला स्केटिंग खिलाड़ियों को उनके परिवार जन मंजूरी ही नहीं देते हैं। जिससे वे अपने स्केटिंग के खेल को कई बार बीच में ही छोड़ने को मजबूर होते हैं। कुछ युवक और युवती कई बार अपनी स्केटिंग खेल की तैयारी सड़कों आदि पर ही करने को मजबूर होते है। जिससे उनका अंतर्राष्ट्रीय स्केटिंग खिलाड़ी बनने के अरमान बीच में ही छूट जाता हैं। लोगों का कहना है कि स्केटिंग खेल बगैर ट्रैक के नहीं खेला जाता हैं। कई बार सड़कों आदि पर स्केटिंग की तैयारी करने पर स्केटिंग खिलाड़ी चोटिल तक हो जाते हैं।
जिससे उनका कैरियर ही बर्बाद हो जाता हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि उन्होंने कई बार पलवल जिला खेल परिसर में स्केटिंग के ट्रैक बनवाने के लिए पलवल के विधायक व खेल मंत्री गौरव गौतम , सांसद व केन्द्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जुर , मुख्य मंत्री नायाब सिंह सैनी व पूर्व मुख्य मंत्री व केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मांग की है परंतु आज तक उनकी मांग पर कोई सुनवाई नहीं हुई है और स्केटिंग ट्रैक का निर्माण नहीं हुआ है।