
इटली, स्पेन, फ्रांस और ग्रीस में पारा 45°C पार, बुजुर्गों और पर्यटकों की मौतें बढ़ीं:
यूरोप के कई हिस्से इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में हैं। इटली, फ्रांस, स्पेन और ग्रीस में पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों ने इसे “Cerberus Heatwave” नाम दिया है — ग्रीक पौराणिक कथा के तीन सिर वाले राक्षस के नाम पर।
इस अत्यधिक तापमान की वजह से केवल पिछले एक हफ्ते में 150 से अधिक मौतें हो चुकी हैं, जिनमें से अधिकांश बुजुर्ग और पर्यटक हैं। रोम, मैड्रिड, एथेंस और मार्सेल जैसे बड़े शहरों में मेडिकल इमरजेंसी घोषित कर दी गई है।
वातावरण में लगातार बढ़ती गर्मी के कारण अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और सांस की तकलीफ से पीड़ित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। कई पर्यटक स्थल बंद कर दिए गए हैं, खासकर दोपहर के समय।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह जलवायु परिवर्तन का सीधा प्रभाव है। यूरोप, जिसे पहले तुलनात्मक रूप से ठंडा माना जाता था, अब तेजी से गर्म हो रहा है। IPCC की एक रिपोर्ट के अनुसार, यूरोप में औसत तापमान वैश्विक औसत से दोगुनी गति से बढ़ रहा है।
स्थानीय सरकारों ने स्कूलों में छुट्टियां कर दी हैं, ओपन मार्केट और कंस्ट्रक्शन साइट्स पर काम रोक दिया गया है। फ्रांस और इटली ने “रेड अलर्ट” जारी किया है, जबकि ग्रीस ने राष्ट्रीय आपदा की स्थिति घोषित कर दी है।
जलवायु वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अगर ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम नहीं हुआ, तो आने वाले वर्षों में हीटवेव और सूखा आम बात हो जाएगी।