
तीन दिन से लगातार बारिश से स्कूल-कॉलेज बंद, यातायात व्यवस्था चरमराई:
बेंगलुरु में पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर की रफ्तार को थाम दिया है। शहर के कई प्रमुख इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सभी स्कूलों और कॉलेजों को दो दिन के लिए बंद करने का आदेश दिया है।
इंदिरानगर, कोरमंगला, येलहंका और व्हाइटफील्ड जैसे इलाकों में सड़कें नदी में तब्दील हो गई हैं। मेट्रो सेवाएं कई जगहों पर आंशिक रूप से बाधित हैं, जबकि BMTC बसों को रूट डायवर्जन के कारण समय से नहीं चलाया जा रहा।
नगर निगम के अधिकारी 24 घंटे काम कर रहे हैं, लेकिन स्थिति नियंत्रण से बाहर दिख रही है। नागरिकों को पीने के पानी की भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि जल निकासी प्रणाली ध्वस्त हो गई है।
बेंगलुरु के डिप्टी कमिश्नर ने कहा:
“यह 15 वर्षों में सबसे ज्यादा बारिश है। हमने एनडीआरएफ की 3 टीमों को तैनात किया है।”
सोशल मीडिया पर भी बारिश के वीडियो और तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिसमें देखा जा सकता है कि लोग कमर तक भरे पानी में फंसे हुए हैं। एक वायरल वीडियो में देखा गया कि एक ऑटो रिक्शा पानी में बह गया।
IT कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी है। कई स्टार्टअप्स ने भी अपने ऑफिस बंद कर दिए हैं।
राज्य सरकार ने केंद्र से 100 करोड़ रुपये की मदद मांगी है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर बनाए जा रहे हैं और हरसंभव मदद की जाएगी।
बेंगलुरु की यह स्थिति एक बार फिर शहरी विकास और जल निकासी व्यवस्था की कमजोरी को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस दिशा में ठोस योजना नहीं बनाई गई, तो आने वाले सालों में ऐसी घटनाएं सामान्य हो जाएंगी।