
आदित्य-एल1′ से होगा सूर्य के कोरोना और सौर हवाओं का अध्ययन:
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने चंद्रयान-3 की सफलता के बाद अब सूरज की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। ISRO के अनुसार, ‘आदित्य-एल1’ नामक सूर्य मिशन को अगस्त के अंत तक श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया जाएगा।
यह भारत का पहला सोलर ऑब्जर्वेटरी मिशन होगा जो पृथ्वी से करीब 15 लाख किलोमीटर दूर लीग्रांजियन प्वाइंट 1 (L1) पर तैनात होगा। इस स्थान पर ग्रैविटी और ऑर्बिटल बल संतुलन में होता है, जिससे उपग्रह स्थिर रहता है।
उद्देश्य:
- सूर्य के बाहरी वायुमंडल (Corona) का अध्ययन
- सौर हवाओं और प्लाज्मा गतिविधियों की निगरानी
- अंतरिक्ष मौसम का पूर्वानुमान
ISRO के प्रमुख एस. सोमनाथ ने बताया कि आदित्य L1 भारत को सौर तूफानों से बचाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम होगा। इस मिशन से वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद मिलेगी कि कैसे सौर विकिरण पृथ्वी पर संचार, उपग्रह और बिजली तंत्र को प्रभावित करता है।
अंतरराष्ट्रीय साझेदारी:
- NASA, ESA से डेटा साझा किया जाएगा
- फ्रांस और जापान के वैज्ञानिक भी सहयोग करेंगे
इस मिशन के बाद भारत वैश्विक सौर अध्ययन में अग्रणी देशों की सूची में शामिल हो जाएगा।