अमेरिका की बहुराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी और सोशल मीडिया कंपनी मेटा ने कहा है कि वह किशोरों के लिए कृत्रिम मेधा (एआई) कैरेक्टर तक पहुंच को अस्थाई रूप से रोक रही है। कंपनी ने शुक्रवार को एक ब्लॉग पोस्ट में इसकी जानकारी दी। इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप की मालिकाना हक वाली कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक ने बताया कि आने वाले कुछ हफ्तों में किशोरों को AI कैरेक्टर (एआई आधारित डिजिटल किरदार) तक पहुंच नहीं दी जाएगी और यह रोक तब तक लागू रहेगी, जब तक इसका नया और बेहतर संस्करण तैयार नहीं हो जाता।
कंपनी ने कहा कि यह फैसला उन सभी उपयोगकर्ताओं पर लागू होगा जिन्होंने मेटा में ऐसी जन्मतिथि दर्ज की है जिससे वे नाबालिग साबित होते हैं। साथ ही यह रोक उन लोगों पर भी लागू होगी जो खुद को वयस्क बताते हैं, लेकिन उम्र का अनुमान लगाने वाली हमारी प्रौद्योगिकी के आधार पर वे हमें किशोर लगते हैं।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब मेटा, टिकटॉक और गूगल का यूट्यूब बच्चों पर अपने ऐप के कथित दुष्प्रभावों को लेकर अगले सप्ताह लॉस एंजिलिस में मुकदमे का सामना करने वाले हैं। हालांकि, किशोर अब भी मेटा के एआई असिस्टेंट का उपयोग कर सकेंगे, लेकिन वे एआई कैरेक्टर तक नहीं पहुंच पाएंगे।
अन्य कंपनियों ने भी बच्चों पर एआई आधारित बातचीत के प्रभाव को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच किशोरों के लिए एआई चैटबॉट पर रोक लगा दी है। कैरेक्टर डॉट एआई ने पिछले साल ही किशोरों के लिए प्रतिबंध की घोषणा कर दी थी। यह कंपनी बाल सुरक्षा से जुड़े कई मुकदमों का सामना कर रही है, जिनमें एक मुकदमा उस मां द्वारा दायर किया गया है जिसका दावा है कि कंपनी के चैटबॉट ने उसके किशोर बेटे को आत्महत्या के लिए उकसाया।