अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 175 रन की ऐतिहासिक पारी खेलकर सुर्खियों में आए वैभव सूर्यवंशी को फिलहाल सीनियर टीम इंडिया में मौका नहीं मिल सकता। इसकी वजह आईसीसी का न्यूनतम उम्र से जुड़ा नियम है, जिसके चलते बीसीसीआई चाहकर भी उन्हें भारतीय सीनियर टीम में शामिल नहीं कर सकती।
वैभव सूर्यवंशी का जन्म 27 मार्च 2011 को हुआ था। फरवरी 2026 में जब भारत ने अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता, तब वैभव तकनीकी रूप से अभी भी 14 साल के ही थे। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के नियमों के अनुसार वह सीनियर टीम के लिए अभी योग्य नहीं माने जाते।
इसका साफ मतलब यह है कि चाहे वैभव ने बिहार के लिए 36 गेंदों में शतक लगाया हो या आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स की ओर से गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाई हों, लेकिन 27 मार्च 2026 से पहले उनका सीनियर टीम इंडिया में चयन संभव नहीं है।
यहां एक दिलचस्प स्थिति भी सामने आती है। वैभव भले ही सीनियर टीम के लिए अभी छोटे हों, लेकिन वह अंडर-19 टीम के लिए दोबारा नहीं खेल सकते। दरअसल, बीसीसीआई का नियम है कि कोई भी खिलाड़ी अंडर-19 वर्ल्ड कप सिर्फ एक बार ही खेल सकता है। इस नियम का उद्देश्य हर टूर्नामेंट में नए खिलाड़ियों को मौका देना और किसी खिलाड़ी को उम्र-ग्रुप का “स्पेशलिस्ट” बनने से रोकना है।
2026 अंडर-19 वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनने के बाद अब वैभव सूर्यवंशी 2028 या 2030 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में भी हिस्सा नहीं ले सकेंगे, भले ही उम्र के लिहाज से वह तब भी अंडर-19 श्रेणी में आते हों। फिलहाल, भारतीय क्रिकेट को इस उभरते सितारे के सीनियर टीम में डेब्यू के लिए कुछ और समय इंतजार करना होगा, लेकिन इतना तय है कि वैभव सूर्यवंशी ने बहुत कम उम्र में ही अपने खेल से क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।