यहां एक वकील ने एक व्यक्ति की मौत के 30 साल बाद उसे कागजों में ना केवल जिंदा किया, बल्कि उसके नाम से 59.72 लाख रुपये की ठगी भी कर ली। दिवंगत हो चुके व्यक्ति की जगह पर फर्जीवाड़ा करने वाले वकील ने किसी और को नहीं, बल्कि खुद को उसका नाम दिया। पुलिस की जांच में जब यह खुलासा हुआ तो पुलिस भी हैरत में पड़ गई। जांच में बाद पुलिस ने आरोपी वकील को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने गुरुवार को बताया कि आरोपी ने खाते से 59.72 लाख रुपये निकाले थे।
जानकारी के अनुसार फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से मृत व्यक्ति का रूप धारण करके जमीन बेचने, बैंक खाता खुलवाने, खाते को ट्रांसफर करवाने एवं फ्रीज खाते को अनफ्रीज कराकर धोखाधड़ी से लाखों रुपये निकालने का मामला सामने आया है। इस मामले में गुरुग्राम पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा-2 ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो पेशे से वकील है। शिवाजी नगर पुलिस थाना में एक शिकायतकर्ता (एक्सिस बैंक, शाखा सदर बाजार, गुरुग्राम के मैनेजर) ने कहा था कि 28 दिसंबर 2015 को एक व्यक्ति ने स्वयं को ओमप्रकाश बताकर एक्सिस बैंक शाखा पालम विहार गुरुग्राम में बैंक खाता खुलवाया।
30 दिसंबर 2015 को उस खाते में 46 लाख 50 हजार रुपयों की बड़ी राशि जमा हुई, जिसके कारण बैंक द्वारा एक जनवरी 2016 को खाते को फ्रीज यानी उसमें लेन-देन पर रोक लगा दी। 4 अक्टूबर 2016 को वह बैंक खाता पालम विहार शाखा से सदर बाजार गुरुग्राम शाखा में ट्रांसफर करवा लिया गया। वर्ष-2018 में एंजेल बिल्टेक ने शिकायत दर्ज कराई थी : वर्ष-2018 में एंजेल बिल्टेक प्राइवेट लिमिटेड द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई कि उन्होंने जमीन खरीद के बदले ओम प्रकाश नामक व्यक्ति को 46.50 लाख रुपयों का भुगतान किया था, जबकि वास्तविक व्यक्ति ओमप्रकाश की मृत्यु वर्ष 1993 में हो चुकी थी। जांच में यह सामने आया कि वह बैंक खाता वास्तव में नवीन राणा नामक व्यक्ति द्वारा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खुलवाया गया था। मई-2023 में आरोपी ने स्वयं को फिर से ओम प्रकाश बताकर एंजेल बिल्टेक प्राईवेट लिमिटेड से संबंधित फर्जी सेल डीड प्रस्तुत की।