हथिनी कुंड बैराज से यमुना में छोड़े गए लाखों कयूसेक पानी के बाद यमुना किनारे बसे गांवों में बाढ़ का खतरा बन गया है। कई जगह यमुना नदी खतरे के निशान के पास पहुंच चुकी है। बाढ़ के पानी को गांवों में घुसने से रोकने के लिए सिंचाई विभाग की तरफ से मिट्टी के कट्टों की दीवार लगाई जा रही हैं। जिससे खादर के गांवों में कम से कम नुकशान हो। जानकारी के अनुसार हथिनी कुंड बैराज से छोड़े गे लाखों क्यूसेक पानी के बाद पलवल क्षेत्र के यमुना बसे गांवों में यमुना नदी के पानी के घुसने का खतरा बन गया है। जिसको रोकने के लिए सिंचाई विभाग की तरफ से मिट्टी के कट्टों की दीवार लगाई जा रही हैं। जिससे खादर के गांवों में पानी को घुसने से रोका जा सकें। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यमुना नदी का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा हैं। जिससे यमुना नदी में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
यमुना नदी के जल स्तर के तेजी से बढ़ने की वजह से यमुना नदी के आस-पास बसे गांव मेवलीपुर, इन्द्रानगर, थंथरी, बलई, दोषपुर, शेखपुर, गुरवाड़ी, माहौली, चांदहट, घोड़ी, प्रहलादपुर, मोहना, छांयसा आदि गांवों में यमुना नदी के पानी को घुसने से रोकने के लिए सिंचाई विभाग की टीमें मेवलीपुर, दोषपुर, गुरवाड़ी, माहौली आदि गांवों में मिट्टी के कट्टों से भरी दीवार लगा रहे हैं। जिससे खादर के गांवों में यमुना नदी के पानी को घुसने से रोका जा सके। जिससे लोगों के मकान, दुकान, कृषि औजार, अनाज, कपड़े, भूसा, बिजली के सामान आदि को कम से कम नुकशान हो। इसके लिए सिंचाई विभाग की टीमों ने यमुना किनारे के गांवों में मोर्चा संभाला हुआ है। इसके लिए सिंचाई विभाग की तरफ से निजी ठेकेदार व जेसीबी व मजदूरों की मदद भी ली जा रही हैं। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मिट्टी की दीवार गांवों के चारों तरफ लगने से यमुना का अधिक मात्रा में पानी गांवों में घुसने से रूकेगा। जिससे बाढ़ से कम नुकसान होगा।