पलवल जिला की पलवल, होडल व हथीन आदि मंडिय़ों में धान की आवक शुरू हो गई है। मंडिय़ों में हर रोज हजारों कुंतल धान बिक्री के लिए पहुंच रहा है। मंडिय़ों में धान की आवक शुरू होने से आढ़तियों और मार्केट कमेटी अधिकारियों में चेहरों पर रौनक लौटी। धान की आवक से आढ़तियों व मार्केट कमेटी को लाखों रूपए की मार्केट फीस प्राप्त होगी। जानकारी के अनुसार पिछले कुछ दिनों से पलवल अनाज मंड़ी, होडल अनाज मंडी, हथीन अनाज मंड़ी व जिले की सभी दूसरी मंडिय़ों में धान की आवक शुरू हो गई है। हर रोज मंडिय़ो में बिक्री के लिए हजारों कुंतल धान की फसल पहुंच रही है।
आढ़तियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से एकाएक धान की आवक में बढ़ोतरी हुई है। किसान अपनी धान की फसल को मंडिय़ों में लाकर जल्द से जल्द फसल को बेचना चाह रहे हैं। जिससे उनकी फसल की समय पर कीमत मिल जाए और वे अपनी अगली रबी की फसल की बिजाई के लिए खाद, बीज, खरपतवार दवाईयां आदि की खरीद कर सकें। आढ़तियों का कहना है कि सुबह से ही किसान ट्रैक्टर-ट्राली, फोर व्हीलर, ट्रकों व बैल गाड़ी व घोड़ा गाड़ी से धान की फसल को मंडिय़ों में लाना शुरू कर देते है।
यह कार्य सांय देर तक चलता है। किसानों की धान की फसल की खरीद अधिकतर व्यापारियों द्वारा की जा रही है। इस समय किसानों की धान की फसल बाजार में 2200 से 2700 रूपए तक बिक्री हो रही है। जो पिछले साल की अपेक्षा कम दाम है। आढ़तियों का कहना है कि अभी उम्मीद है किसानों के धान की कीमत में और बढ़ोतरी होगी। उन्होंने बताया कि अभी फसल में थोड़ी नमी की वजह से व्यापारी धान की फसल को कम दाम पर खरीद रहे है।
वहीं किसानों का कहना है कि उन्हें मंडिय़ों में धान की फसल की उचित कीमत नहीं मिल रही है। किसानों का कहना है कि पिछले साल मंडिय़ों में 1509 धान की फसल 3500 से 3700 रूपए प्रति कुंतल तक बेजी गई थी। उस हिसाब से किसानों को उनकी धान की फसल की उचित कीमत नहीं मिल रही है। किसानों का कहना है कि फसल को पहले बारिश व बाढ़ से नुकसान हुआ और अब उन्हें फसल की उचित कीमत नहीं मिल रही है। जिससे उन्हें प्रति कुंतल हजारों रूपए का घाटा उठाना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि सरकार को किसानों को उनकी फसल की उचित कीमत दिलवाने के लिए कदम उठाने चाहिए।