सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी ने रविवार को हरी झंडी दिखाकर जम्मू मैराथन की शुरुआत की। यह आयोजन ऑपरेशन सिंदूर के बाद बल द्वारा किया जाने वाला पहला बड़ा सार्वजनिक आयोजन बन गया है। सीमा सुरक्षा बल के 60वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में बीएसएफ जम्मू फ्रंटियर द्वारा इस मैराथन का आयोजन किया गया, जिसमें नागरिकों, सुरक्षा कर्मियों और छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं में शारीरिक फिटनेस और नशामुक्त जीवनशैली को बढ़ावा देना है।
BSF के अनुसार, देश भर से 6,000 से अधिक लोगों ने इस मैराथन के लिए अलग-अलग श्रेणियों की दौड़ में पंजीकरण कराया जिसमें 42 किलोमीटर, 21 किमी और 10 किमी की दौड़ के अलावा पांच किमी की दौड़ भी शामिल है। कुछ विदेशियों ने भी मैराथन में हिस्सा लिया है। बीएसएफ के महानिदेशक ने संवाददाताओं को बताया, यह पहली बार है कि बीएसएफ शारीरिक फिटनेस और नशामुक्त भारत को बढ़ावा देने के लिए जम्मू में मैराथन का आयोजन कर रहा है। जब हम फिटनेस के प्रति जागरूक होते हैं तो स्वाभाविक रूप से इसका हमारे राष्ट्र पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। प्रधानमंत्री की फिट इंडिया (स्वस्थ भारत) पहल तभी पूरी होगी जब हर नागरिक एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाएगा।
ऑपरेशन सिंदूर में बीएसएफ की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन की व्यापक रूप से सराहना की गई जिसके कारण जनता का सेना के प्रति विश्वास मजबूत हुआ। उन्होंने कहा, कई युवा बीएसएफ में शामिल हो रहे हैं और यह सफल मैराथन छोटा लेकिन सार्थक उदाहरण है कि कैसे यह बल देश को नशामुक्त बनाने के अपने मिशन में जनता से जुड़ा हुआ है। बीएसएफ प्रमुख ने कहा कि सेना में शामिल होने के लिए नागरिकों की बढ़ती रुचि बल में बढ़ते विश्वास को दर्शाती है। उन्होंने कहा, हम और भी अधिक समर्पण और जोश के साथ देश की सुरक्षा करते रहेंगे।