नूंह जिले के उजीना गांव में बुधवार को केनरा बैंक द्वारा वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान को लेकर
कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय रिजर्व बैंक चंडीगढ़ के क्षेत्रीय
निदेशक विवेक श्रीवास्तव ने शिरकत की। अभियान ने ग्रामीणों को न केवल वित्तीय साक्षरता प्रदान की,
बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित भी किया। मुख्य अतिथि ने कहा कि इस अभियान का
उद्देश्य ग्रामीणों को वित्तीय साक्षरता प्रदान करना, सरकारी योजनाओं के लाभों से अवगत कराना और
उन्हें बैंकिंग सेवाओं से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है।
यह अभियान ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। केनरा बैंक का यह प्रयास उनके सामाजिक उत्तरदायित्व और वित्तीय समावेशन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जुलाई, अगस्त व सितंबर इन 3 महीने चल रहे अभियान के तहत देशभर में कुल 2 लाख 7 हजार शिविर लगाए जा रहे हैं। जिसमें लोगों को ग्रामीणों को प्रधानमंत्री जन-धन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, और अटल पेंशन योजना के लाभों के बारे में विस्तार से बताया गया। साथ ही धोखाधड़ी की रोकथाम, ग्रामीणों को डिजिटल और वित्तीय धोखाधड़ी से बचने के तरीके सिखाए गए। उन्होंने कहा कि ईकेवाईसी साइबर फ्रॉड से बचाने के लिए ही कराई जाती है।
लिहाजा उपभोक्ता को ई के वाई सी अवश्य करानी चाहिए। 10 वर्षों में एक बार करानी जरुरी होती है। इस अवसर पर आरबीआई चंडीगढ़ के जीएम पंकज सेतिया, केनरा बैंक अंचल कार्यालय करनाल के जीएम जी ए अनुपम, डीजीएम दीपक शुक्ला, केनरा बैंक गुडग़ांव के क्षेत्रीय प्रमुख सी.एस. तोमर, सहायक महाप्रबंधक तिम्मा नाइक, ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक जयभगवान, अग्रणी जिला प्रबंधक गुरुग्राम विनोद बजाज और अग्रणी जिला प्रबंधक नूंह सागर, डीडीएम एमपी सिंह, आरसेटी निदेशक रोहित, नूंह शाखा प्रबंधक विक्रम वीरेंद्र सिंह, उजीना गांव के सरपंच मुनेश फौजी, एफएलसी समन्वयक, पुण्यपाल, एजाज खान, दीपक कुमार सहित अन्य मौजूद रहे।