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Faridabad: रंगों के उत्सव के दौरान कैसे रखें अपना ध्यान, जानिए डॉक्टरों की सलाह

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होली भारत के सबसे रंगीन त्योहारों में से एक है, लेकिन कई लोगों के लिए यह आंखों की चोट और त्वचा की समस्याओं में बढ़ोतरी का समय भी होता है। रंगों के इस उत्सव के दौरान और उसके बाद अस्पतालों में सांस की तकलीफ, त्वचा की एलर्जी और आंखों की चोट के मामलों में बढ़ोतरी देखी जाती है। रासायनिक डाई, भारी धातु और बारीक कणों से मिले सिंथेटिक रंग, साथ ही धूल और पानी के संपर्क में आने से अस्थमा का दौरा, एलर्जी, त्वचा में सूजन, कंजंक्टिवाइटिस और आंख की सतह पर खरोंच जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गीले रंगों के लंबे समय तक संपर्क में रहना और उन्हें हटाने के लिए जोर से रगड़ना त्वचा की ऊपरी परत को नुकसान पहुंचा सकता है। वहीं बारीक कण आंखों या सांस की नली में जाने से गंभीर परेशानी और जटिलताएं हो सकती हैं।

डॉ. रवि शेखर झा, निदेशक एवं यूनिट हेड – पल्मोनोलॉजी, फोर्टिस एस्कॉर्ट हॉस्पिटल, फरीदाबाद, कहते हैं, “अस्थमा या एलर्जिक एयरवे डिजीज से पीड़ित लोगों के लिए होली के दौरान सूखे रंग, धुआं और धूल के संपर्क में आना घर घराहट, सांस फूलना और तेज खांसी की समस्या बढ़ा सकता है। रंग खेलते समय मास्क पहनें, ज्यादा भीड़ और धूल वाली जगहों से बचें, इनहेलर हमेशा पास रखें और लक्षण बढ़ने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।”

डॉ. स्वाति मोहन, निदेशक – डर्मेटोलॉजी, फोर्टिस एस्कॉर्ट हॉस्पिटल, फरीदाबाद कहती हैं, “बाजार में मिलने वाले कई रंगों में तेज रसायन हो सकते हैं, जो त्वचा पर चकत्ते, खुजली, कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस और मुहांसे बढ़ा सकते हैं। बाहर जाने से पहले गाढ़ा मॉइस्चराइजर या तेल लगाएं, पूरे बाजू के कपड़े पहनें और रंग हटाते समय ज्यादा रगड़ने से बचें। इससे त्वचा को होने वाला नुकसान कम किया जा सकता है। अगर लालिमा, खुजली या सूजन बनी रहे तो त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें।”

डॉ. अरविंद कुमार, निदेशक – ऑप्थैल्मोलॉजी, फोर्टिस एस्कॉर्ट हॉस्पिटल, फरीदाबाद, कहते हैं, “होली के दौरान आंखों की चोट आम है, लेकिन इससे बचा जा सकता है। रंग के कण आंखों में जलन, लालिमा, पानी आना और कभी-कभी कॉर्निया पर खरोंच का कारण बन सकते हैं। अगर आंख में रंग चला जाए तो कुछ मिनट तक साफ बहते पानी से धीरे-धीरे धोएं और आंखें न रगड़ें। कोई घरेलू नुस्खा न अपनाएं। लगातार दर्द, धुंधला दिखाई देना या रोशनी से परेशानी होने पर तुरंत आंख के डॉक्टर को दिखाएं।”

साधारण सावधानियां अपनाकर और लक्षण दिखने पर तुरंत ध्यान देकर त्योहार को खुशियों भरा और सुरक्षित बनाया जा सकता है। होली यादें बनाए, आपात स्थिति नहीं। थोड़ी तैयारी और समय पर कदम उठाकर इस त्योहार को आंखों और त्वचा को नुकसान पहुंचाए बिना खुशी से मनाया जा सकता है।

फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड के बारे में:

फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड भारत की एक प्रमुख स्वास्थ्य सेवा कंपनी है। कंपनी के अंतर्गत अस्पताल, डायग्नोस्टिक और डे केयर स्पेशलिटी सुविधाएं शामिल हैं। वर्तमान में कंपनी 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 36 स्वास्थ्य केंद्र संचालित करती है, जिनमें जॉइंट वेंचर और ओ एंड एम सुविधाएं भी शामिल हैं। कंपनी के नेटवर्क में 6000 से अधिक चालू बेड और 400 डायग्नोस्टिक लैब शामिल हैं।

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