‘सुरों की रानी’ लता मंगेशकर ने अपनी मधुर आवाज से हिंदी सिनेमा को अमर गीत दिए और उनके गाने किसी भी फिल्म की पहचान बन जाते थे। 6 फरवरी 2022 को उनके निधन से संगीत जगत में एक स्थायी खालीपन आ गया। उनके जीवन से जुड़ी कई बातें कम जानी जाती हैं, जिनमें 1962 की एक चौंकाने वाली घटना भी शामिल है, जब करियर के शिखर पर रहते हुए उन्हें कथित तौर पर जहर दिया गया था।

इस घटना के बाद वह करीब तीन महीने तक गंभीर रूप से अस्वस्थ रहीं, जिससे उनके दोबारा गा पाने को लेकर आशंकाएं भी जताई गईं। लेखिका नसरीन मुन्नी कबीर से बातचीत में लता मंगेशकर ने बताया था कि उस कठिन दौर में डॉक्टरों की जांच के बाद उन्हें धीरे-धीरे जहर दिए जाने की आशंका सामने आई थी। परिवार ने उस समय इस विषय पर सार्वजनिक रूप से कम बात की, लेकिन लता ताई ने बाद में अपने अनुभव साझा किए, जो आज भी उनके जीवन की सबसे चौंकाने वाली घटनाओं में गिनी जाती है।