सतयुग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और करियर मार्गदर्शन को ध्यान में रखते हुए एक विशेष एक्सपर्ट लेक्चरर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल और कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। इस व्याख्यान का विषय टेक चेंज ऑफ यूवर टाइम था, जिसमें बीबीए, बीटेक और बीसीए के अंतिम वर्ष के छात्र- छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
विशेषज्ञ वक्ता मयंक चोपड़ा, एसोसिएट डायरेक्टर, पीडब्ल्यूसी इंडिया ने छात्रों को समय प्रबंधन के महत्व पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। उन्होंने अपने वक्तव्य में बताया कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में सफलता प्राप्त करने के लिए प्राथमिकताओं को सही ढंग से निर्धारित करना, आत्म- अनुशासन का पालन करना और स्मार्ट प्लानिंग करना अत्यंत आवश्यक है। चोपड़ा ने छात्रों को व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से यह समझाया कि कैसे समय का उचित प्रबंधन जीवन के हर क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम देता है।
इस अवसर पर डॉ. शैलेन्द्र त्यागी प्राचार्य, सतयुग दर्शन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, डॉ. मनप्रीत कौर हेड, डिपार्टमेंट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, डॉ. स्नेहा शर्मा आईआईसी कन्वेनर, अंजली मेहता आईआईसी इनोवेशन कोऑर्डिनेटर, श्रिश गुप्ता एकेडमिक कोऑर्डिनेटर, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग, मृणाल मंझरी एकेडमिक कोऑर्डिनेटर, BCA विभाग सहित IIC के अन्य सदस्यगण एवं विभिन्न विभागों के संकाय सदस्य भी उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने मार्गदर्शन और उपस्थिति से कार्यक्रम को और अधिक सार्थक बनाया।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने न केवल ध्यानपूर्वक वक्ता को सुना, बल्कि सक्रिय संवाद के माध्यम से अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी प्राप्त किया। यह सत्र विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायी एवं उपयोगी सिद्ध हुआ। संस्थान के प्राचार्य डॉ. शैलेन्द्र कुमार त्यागी ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि समय प्रबंधन जीवन की सबसे बड़ी पूँजी है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी यदि अपने समय का सदुपयोग करना सीख लें तो वे न केवल शैक्षणिक क्षेत्र में, बल्कि अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में भी उच्च सफलता अर्जित कर सकते हैं। डॉ. त्यागी ने आगे कहा कि ऐसे विशेषज्ञ व्याख्यान विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास और भविष्य की चुनौतियों से निपटने की क्षमता विकसित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विशेषज्ञ वक्ता मयंक चोपड़ा को धन्यवाद देते हुए आयोजन समन्वयन, आईआईसी इनोवेशन कॉर्डिनेटर, अंजलि मेहता को बधाई दी।