दमदमा झील से लगती अरावली पहाड़ी में सड़क किनारे बनी सुरक्षा दीवार पार कर बाइक खाई में गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में पिता-पुत्र शामिल थे, जिनमें पुत्र की मौत हो गई और पिता गंभीर रूप से घायल हैं। तीनों एक ही बाइक पर सवार होकर अरावली पहाड़ी स्थित मंदिर में पूजा-पाठ कर वापस लौट रहे थे।
अरावली पहाड़ी के मध्य स्थित बड़ा जोहड़ के पास एक मंदिर बना हुआ है। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे होली के अवसर पर दमदमा निवासी मुंदराज (55), रिठौज निवासी उदय (25) और उदय के पिता सतपाल (56) एक ही बाइक पर सवार होकर मंदिर में पूजा करने गए थे। पूजा-पाठ के बाद जब वे वापस लौट रहे थे, तभी पहाड़ी से नीचे उतरते समय बाइक का संतुलन बिगड़ गया। अरावली पहाड़ी पर कंक्रीट की सड़क बनी हुई है और उसके साथ सुरक्षा दीवार भी है। बावजूद इसके, संतुलन बिगड़ने से बाइक सुरक्षा दीवार पार कर करीब 20 फुट गहरी खाई में जा गिरी। गिरते समय बाइक और उस पर सवार तीनों लोग पत्थरों से टकरा गए, जिससे उनके सिर, मुंह, हाथ, पैर और सीने पर गंभीर चोटें आईं।
हादसे में मुंदराज ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सोहना नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों ने उदय को भी मृत घोषित कर दिया। वहीं सतपाल को गंभीर हालत में बादशाहपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि उनके हाथ और पैर की हड्डियां टूट गई हैं। मौके पर पहुंची सोहना सदर थाना पुलिस ने मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। समाचार लिखे जाने तक मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम नहीं हो सका था।
2 गांवों में छाया मातम:
हादसे में दो लोगों की मौत और एक के घायल होने से रिठौज और दमदमा गांव में शोक की लहर फैल गई। जैसे ही ग्रामीणों को घटना की सूचना मिली, दोनों गांवों में मातम छा गया। होली का उत्साह शोक में बदल गया। मंगलवार देर शाम तक दोनों गांवों में चूल्हे नहीं जले। ग्रामीणों ने बुधवार को दुल्हेंडी का पर्व नहीं मनाने का निर्णय लिया है। गांववासी इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं।