त्योहार की आड़ में शहर के बाजारों में एक बार फिर अतिक्रमण छा गया है। पटरी दुकानदारों ने बाजारों के चौक-चौराहों से लेकर मंडी परिसर में रंगों की दुकानें सजाते हुए रास्तों पर अवैध कब्जा कर लिया है। नगर परिषद और मार्केट कमेटी प्रशासन ने शहर में हो रहे अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाकर 70% तक सफलता हासिल की थी। लेकिन होली पर्व को देखते हुए स्थानीय बाजारों में अतिक्रमण दोबारा फैल गया है। त्योहार की आड़ में रेहड़ी, ठेला और पटरी दुकानदारों ने बाजार की सड़कों, आम रास्तों और चौक-चौराहों पर अपनी दुकानें सजा ली हैं। इस बार पटरी दुकानदारों ने क्षमता से अधिक सड़क और रास्तों पर दुकान लगाकर ज्यादा अतिक्रमण कर लिया है। सबसे खराब स्थिति अनाज मंडी में देखने को मिल रही है, जहां पटरी दुकानदारों के अलावा किराए पर सामान बेचने वाले थोक विक्रेताओं ने भी 10 से 15 फुट तक सामान बाहर रखकर अतिक्रमण कर रखा है। इसके कारण 40 से 50 फुट चौड़े रास्तों पर भी 2 वाहन आमने-सामने आने पर निकल नहीं पा रहे हैं। दुकानदारों ने लगभग 60 से 70 प्रतिशत सामान दुकानों के बाहर रखा हुआ है।
वर्जन:
अनाज मंडी परिसर से पहले अतिक्रमण का पूरी तरह सफाया कर दिया गया था। लेकिन रेहड़ी, ठेला और पटरी दुकानदारों ने होली का पर्व मनाने के उद्देश्य से अस्थायी रूप से दुकानें लगाने की अनुमति मांगी थी। उन्हें होली के बाद मंडी परिसर से स्वयं हट जाने की शर्त पर अनुमति दी गई है। (दिनेश श्योकंद-सचिव मार्केट कमेटी सोहना)
होली राष्ट्रीय पर्व है और हर गरीब से गरीब व्यक्ति भी इस त्योहार में शामिल होता है। गरीब और मजदूर वर्ग के घरों में भी त्योहार खुशियों के साथ मनाया जा सके, इसलिए होली तक छूट दी गई है। होली के बाद अतिक्रमण को पहले की तरह हटा दिया जाएगा। (सुनील कुमार रंगा-कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद सोहना)