प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को सेवा क्षेत्र में महाशक्ति बनाने के लिए रविवार को राज्यों से विनिर्माण को बढ़ावा देने और सेवा क्षेत्र को मजबूत बनाने समेत विभिन्न आह्वान किए। प्रमुख सचिवों के पांचवें राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारत के पास दुनिया का खाद्य भंडार बनने की क्षमता है और देश को उच्च मूल्य वाली कृषि, बागवानी, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और मत्स्य पालन की दिशा में बढ़ना चाहिए ताकि यह एक प्रमुख खाद्य निर्यातक बन सके। यह सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हो रहा है जब भारत अगली पीढ़ी के सुधारों को देख रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत रिफॉर्म एक्सप्रेसै पर सवार हो चुका है और इसका प्राथमिक इंजन देश के युवा और विभिन्न आयुवर्ग की जनसंख्या है। यही कारण है कि सरकार का यह प्रयास है कि इस जनसंख्या को सशक्त किया जाए। मोदी ने एक्स पर किए गए सिलसिलेवार पोस्ट में कहा, राज्यों से विनिर्माण और व्यापार में सुगमता को बढ़ावा देने और सेवा क्षेत्र को मजबूत बनाने का आह्वान किया। आइए हम भारत को एक वैश्विक सेवा महाशक्ति बनाने का लक्ष्य रखें। यह तीन दिवसीय सम्मेलन 26 दिसंबर को शुरू हुआ जिसका विषय विकसित भारत के लिए मानव पूंजी है।

इस बारे में अपने विचार साझा किए कि केंद्र और राज्य मिलकर भारत को आत्मनिर्भर बनाने, गरीबों को सशक्त करने और विकसित भारत का सपना साकार करने के लिए किस तरह से काम कर सकते हैं। शासन में गुणवत्ता के महत्व पर बात की। शासन में गुणवत्ता, सेवाओं की उपलब्धता में गुणवत्ता, और निर्माण में गुणवत्ता। मोदी ने कहा कि उन्होंने शासन और सेवा वितरण के मामलों में एक नई कार्य संस्कृति स्थापित करने के लिए उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों पर प्रकाश डाला।
