श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में बुधवार को भगवान श्री विश्वकर्मा जी की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार एवं कुलसचिव प्रोफेसर ज्योति राणा ने तक्षशिला भवन में आयोजित कार्यक्रम में भगवान श्री विश्वकर्मा जी की प्रतिमा पर पुष्पार्चन किया। विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मियों ने भगवान श्री विश्वकर्मा जी को नमन करते हुए कौशल एवं उत्कृष्टता का संकल्प लिया। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने इस अवसर पर कहा कि भगवान श्री विश्वकर्मा कौशल के देवता हैं।
इस सृष्टि के महान वास्तुकार भगवान श्री विश्वकर्मा जी की जयंती पर हमें कौशल में उत्कृष्टता की प्रेरणा मिलती है। सृजन कौशल से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के लिए भगवान श्री विश्वकर्मा जी आराध्य देव हैं। कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश कुमार ने कहा कि उनके नाम पर बना यह कौशल विश्वविद्यालय युवा पीढ़ी को विविध कौशल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। भविष्य में इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार और भी कई नए कौशल आधारित प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे। कुलसचिव प्रोफेसर ज्योति राणा ने भगवान श्री विश्वकर्मा जी की जयंती पर सभी को बधाई देते हुए कहा कि नए-नए कौशल को आत्मसात करना ही भगवान श्री विश्वकर्मा जी की आराधना है।
हमें इस दिशा में हमेशा तत्पर रहना चाहिए। इस अवसर पर उप कुलसचिव डॉ. ललित शर्मा, डॉ. श्रुति गुप्ता, सहायक कुलसचिव डॉ. राजेश कुमार, विशेष कर्तव्य अधिकारी संजीव तायल, विधि अधिकारी केशव शर्मा सहित काफी संख्या में शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। इस अवसर पर कुलगुरु प्रोफेसर दिनेश
कुमार ने कहा कि उनके नाम पर बना यह कौशल विश्वविद्यालय युवा पीढ़ी को विविध कौशल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। भविष्य में इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार और भी कई नए कौशल आधारित प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे।