
लालू परिवार पर आरोपों की बौछार, विपक्ष का आरोप – “राजनीतिक प्रतिशोध”:
लालू यादव परिवार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। CBI ने तेजस्वी यादव के खिलाफ ‘लैंड फॉर जॉब स्कैम’ में ताज़ा चार्जशीट दाखिल की है। यह मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे (2004-2009)। CBI का आरोप है कि उस दौरान रेलवे में नौकरियां देने के बदले में उम्मीदवारों से जमीनें ली गईं।
तेजस्वी यादव पर आरोप है कि वे इस साजिश का हिस्सा थे और कई संपत्तियाँ सीधे या परोक्ष रूप से उन्हें मिलीं। चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि कुछ दस्तावेज़ों में गड़बड़ी कर ज़मीन के सौदे को छुपाया गया।
तेजस्वी यादव ने इसे सिरे से नकारते हुए कहा, “यह बीजेपी का डर है। बिहार में महागठबंधन की सरकार है और उसकी लोकप्रियता बढ़ रही है, इसलिए डर के कारण CBI और ED का दुरुपयोग हो रहा है।”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह केस आने वाले बिहार विधानसभा चुनाव और 2024 लोकसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में अहम हो सकता है। लालू परिवार की छवि ग्रामीण मतदाताओं के बीच मजबूत है, लेकिन बार-बार जांच एजेंसियों के छापों और मामलों से पार्टी की विश्वसनीयता को झटका लग सकता है।
CBI के साथ-साथ ईडी भी इस मामले में अलग जांच कर रही है, और दिल्ली के अलावा पटना व रांची में भी छापेमारी हुई है।