
चुनाव आयोग ने सुनाया बड़ा फैसला, शरद पवार बोले – “लड़ाई अब जनता की अदालत में”
राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को लेकर चल रही खींचतान का पटाक्षेप हो गया है। चुनाव आयोग ने फैसला सुनाते हुए अजीत पवार गुट को ‘राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी’ का नाम और ‘घड़ी’ चुनाव चिन्ह सौंप दिया है। यह फैसला NCP के संस्थापक शरद पवार के लिए बड़ा झटका है, जो पिछले 24 वर्षों से इस पार्टी का नेतृत्व कर रहे थे।
इस फैसले के पीछे चुनाव आयोग ने दोनों गुटों द्वारा पेश किए गए विधायक, सांसद, और संगठन से जुड़े दस्तावेज़ों का मूल्यांकन किया। आयोग ने कहा कि बहुमत अजीत पवार के पक्ष में है और इसी आधार पर पार्टी का नाम और चिन्ह उन्हें दिया जाता है।
शरद पवार ने फैसले को “राजनीतिक दबाव में लिया गया फैसला” बताया और सुप्रीम कोर्ट जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा –
“पार्टी मैंने बनाई, विचारधारा मैंने दी, लेकिन अब पहचान छीन ली गई। लेकिन मैं न झुका हूं, न रुकूंगा।”
यह घटनाक्रम महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना के टूटने के बाद सबसे बड़ा राजनीतिक विभाजन माना जा रहा है। पहले उद्धव ठाकरे को भी अपने पार्टी के नाम और चिन्ह से हाथ धोना पड़ा था, जो बाद में एकनाथ शिंदे को मिला।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाएं केवल तकनीकी नहीं हैं बल्कि यह भाजपा की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा हो सकती हैं। भाजपा विरोधी क्षेत्रीय पार्टियों को विभाजित करके उनकी ताकत को कमजोर करना इस रणनीति की मूल भावना हो सकती है।
शरद पवार गुट ने भी अब एक नई पार्टी रजिस्टर कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसकी घोषणा अगले कुछ दिनों में हो सकती है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जनता किस गुट को असली ‘पवार साहब’ मानेगी।