भारत सरकार में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने आज अपने कार्यालय पर लैंड पुलिंग के मामले को लेकर आए किसानो के साथ बैठक की। उन्होंने किसानो को बताया कि जबसे देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार आई है तबसे बिना किसी किसान की मर्जी के उसकी जमीन का अधिग्रहण नहीं किया गया। किसी भी किसान से उसकी जमीन लेने के लिए कोई जोर जबरदस्ती नहीं की गयी।
उन्होंने कहा कि एक जमाना था जब देश में कांग्रेस की सरकार थी तब किसानों की मर्जी के खिलाफ Section 4, 6, और 9 लगाकर उनकी जमीनों का अधिग्रहण करते थे। बेबस किसान ताकता रह जाता था उसकी एक न चलती थी। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार के लिए किसान हित सर्वोपरि है। किसानो के हितो के विपरीत सरकार कोई निर्णय नहीं करेगी, जमीन किसानों का स्वैछिक विषय है। किसान अपनी मर्जी से अगर जमीन चाहे तो उसको जो सही रेट लगता है वह सरकार को ऑफर कर सकता है और सरकार को रेट सही लगा तो वह जमीन खरीद लेगी नहीं तो किसान के पास उसकी जमीन सुरक्षित है। सरकार जबरदस्ती किसी की भी जमीन एक्वायर नहीं करेगी ऐसा भरोसा मैं अपने क्षेत्र के किसानो को देता हु। वह निश्चिंत रहे जबरदस्ती किसी भी किसान की जमीन का अधिग्रहण नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि अगर कोई एक एकड़ जमीन सरकार को देता है तो सरकार उस डेवलप सेक्टर में 1000 गज का रेसिडेंशियल प्लाट और 200 गज का कमर्शियल प्लाट कुल 1200 गज डेवलप करके देगी। यह किसान की इच्छा है कि वह लैंड पुलिंग में आना चाहता है या नहीं। उन्होंने किसानो से अपील की कि वह अगर कोई किसान अपनी जमीन सरकार को देना चाहता है तो वह “ई-भूमि” पोर्टल के माध्यम से https://ebhoomi.jamabandi.nic.in पोर्टल पर जाकर अपनी सहमति दर्ज कर सकते हैं। सहमति दर्ज करने की आज अंतिम तिथि 31 अगस्त, 2025 निर्धारित की गई है।