बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव शानदार कॉमिक अंदाज़ और सहज अभिनय के लिए पहचाने जाने वाले इन दिनों कानूनी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। चेक बाउंस मामलों में दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत मिलने से इनकार किए जाने के बाद उनकी जेल जाने से बचने की आखिरी कोशिश भी विफल हो गई। इसके बाद अभिनेता ने तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण कर दिया।
तिहाड़ जेल में सरेंडर करने से पहले राजपाल यादव ने भावुक होते हुए कहा कि उनके पास फिलहाल भुगतान के लिए पर्याप्त धन नहीं है और इस संकट से उन्हें अकेले ही जूझना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में कोई दोस्त साथ नहीं है और उन्हें स्वयं ही समाधान ढूंढना होगा।इस दौरान अभिनेता सोनू सूद ने राजपाल यादव की मदद के लिए आगे कदम बढ़ाया और अन्य बॉलीवुड हस्तियों से भी सहयोग करने की अपील की।

6 फरवरी 2026 को सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता अभिजात ने अदालत को बताया कि राजपाल यादव उसी दिन 25 लाख रुपये जमा करने को तैयार हैं और शेष राशि के भुगतान को लेकर दोनों पक्षों के बीच एक संभावित समय-सारिणी पर सहमति बन गई है। हालांकि, न्यायमूर्ति स्वर्णा कांता शर्मा ने स्पष्ट किया कि अदालत के पूर्व आदेश के अनुसार अभिनेता को पहले ही आत्मसमर्पण करना था, इसलिए सरेंडर के बाद ही उनकी बात सुनी जाएगी। इसके बाद राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल में आत्मसमर्पण कर दिया।
मामले से जुड़ी जानकारी के अनुसार, दिल्ली हाईकोर्ट ने इससे पहले राजपाल यादव को दी गई राहत वापस लेते हुए उन्हें 4 फरवरी 2026 तक संबंधित जेल अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था। अदालत ने पाया कि अभिनेता ने समझौते की राशि चुकाने को लेकर बार-बार दिए गए आश्वासनों का उल्लंघन किया।
ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई सजा को जून 2024 में केवल इस आधार पर निलंबित किया गया था कि दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौते से विवाद सुलझ जाएगा और भुगतान किया जाएगा। हालांकि, अदालत ने यह भी नोट किया कि आंशिक भुगतान और किस्तों के रूप में दी जाने वाली रकम भी तय समयसीमा में जमा नहीं की गई। ड्राफ्ट में तकनीकी या टाइपिंग त्रुटियों से जुड़े तर्कों को भी अदालत ने खारिज कर दिया। अदालत के अनुसार, लगातार चूक के चलते अभिनेता को दी गई राहत जारी रखना उचित नहीं है।