किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में एक बार फिर छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। पिछले 50 दिनों में यह तीसरी घटना है। इस बार पीडियाट्रिक विभाग की एमडी छात्रा (रेजिडेंट डॉक्टर) ने विभाग के एक एडिशनल प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न और अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं।
शिकायत मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने निष्पक्ष जांच के आदेश देते हुए 7 सदस्यीय विशाखा कमेटी का गठन कर दिया। साथ ही आरोपी एडिशनल प्रोफेसर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और विभाग में उनकी एंट्री पर रोक लगा दी गई है।
KGMU के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह के अनुसार, 11 फरवरी को पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई थी। 12 फरवरी को कार्रवाई करते हुए विशाखा कमेटी गठित की गई। शुरुआती जांच में आरोप prima facie सही पाए जाने के बाद आरोपी को सस्पेंड कर डीन मेडिसिन कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि एडिशनल प्रोफेसर ने न केवल अभद्र व्यवहार किया, बल्कि मोबाइल पर आपत्तिजनक संदेश भी भेजे। शिकायत पीड़िता ने अपने परिजनों के साथ विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपी थी, जिसके आधार पर जांच शुरू की गई। इससे पहले 23 दिसंबर 2025 को एमडी पैथोलॉजी की एक छात्रा ने अपने सीनियर डॉक्टर पर शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने, गर्भपात कराने और धर्म परिवर्तन का दबाव डालने का आरोप लगाया था। आरोपी डॉक्टर को पुलिस ने 18 दिन बाद गिरफ्तार किया था और उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।