सोहना के शहरी क्षेत्र में नालियों और नालों का गंदा पानी आम रास्तों और सड़कों पर भरा हुआ है, जिससे लोग परेशान हो चुके हैं। नालियों और नालों की सफाई न होने से जलभराव की समस्या पूरी तरह बनी हुई है। अब जलभराव की समस्या सिर्फ बरसात के मौसम तक सीमित नहीं रही है बल्कि यह परेशानी पूरे साल बनी रहती है। जिसकी शिकायत करने पर समाधान नहीं हो पाया है। लोगों के लिए मुसीबत बन गई है।आम रास्तों के किनारे बनी नालियों का गंदा पानी खुले में बहता रहता है। नालियों की बदहाल स्थिति के कारण गंदा पानी सड़कों पर फैला रहता है। बाजारों में दुकानदार से लेकर ग्राहक और वार्डों में रहने वाले नागरिक परेशान हो गए है।
175 सफाई कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई :
स्थाई कर्मचारियों से लेकर अस्थाई और ठेके पर लगे सफाई कर्मियों कुल संख्यां 180 के करीब है। जिनमें से 100 कर्मचारी ही सफाई करते है और 80 के करीब VIP और अन्य विभाग अधिकारी के कार्यालय व आवास पर तैनात रहते है। रोजाना 100 के करीब सफाई कर्मियों मे से 20 से 25 गैरहाजिर रहते है। जिन्हे सुपरवाइजर अपने दम पर छुट्टी दे देते है। आंकडों के अनुसार 50 फीसदी ही वार्डों में सफाई करने के लिए रहते है।
कहां है जलभराव की सबसे अधिक समस्या?
नगर परिषद के शहरी क्षेत्र में बालूदा मार्ग, अस्पताल मार्ग, माता मंदिर मार्ग, पुराना लेबर चौक, पुरानी सब्जी मंडी मार्ग, सांप की नंगली मोड़, मंगलनगर आदि स्थानों पर जलभराव होता है।
वर्जन :
नगर परिषद पूरे साल बरसाती और गंदे पानी के नालों की सफाई का कार्य ठेके पर देने की योजना पर विचार कर रही है। ताकि शहरी क्षेत्र में जहां भी जलभराव की समस्या हो, ठेकेदार तुरंत प्रभाव से उसका समाधान कर सके। जिससे शहर में होने वाली जलभराव की समस्या से काफी हद तक राहत मिल जाएगी।
(सुनील कुमार रंगा- कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद सोहना)