मेक्सिको में सुरक्षाबलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दुनिया के सबसे खतरनाक ड्रग माफियाओं में गिने जाने वाले नेमेसियो रुबेन ओसेगुएरा सर्वांटेस उर्फ एल मेंचो को मार गिराया। वह कुख्यात जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (CJNG) का सरगना था। उसकी मौत के बाद देश के कई राज्यों में हिंसा भड़क उठी और हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए। हथियारबंद लोगों ने दर्जनों गाड़ियों और इमारतों में आग लगा दी और कई प्रमुख हाईवे जाम कर दिए। हालात काबू में लाने के लिए सुरक्षाबलों ने बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया है और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। एहतियातन कई राज्यों में स्कूल भी बंद कर दिए गए हैं। वहीं, राष्ट्रपति क्लाउडिया ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
बताया जा रहा है कि एल मेंचो के मारे जाने के बाद हिंसा की शुरुआत प्यूर्टो वल्लार्टा और उसके आसपास के इलाकों से हुई। हालात नियंत्रित करने के लिए सोमवार सुबह सुरक्षाबलों ने बड़ा सैन्य ऑपरेशन चलाया। इसके विरोध में गिरोह से जुड़े बंदूकधारियों ने जलिस्को, कोलिमा, मिचोआकान और गुआनाजुआटो समेत कई राज्यों में आगजनी कर सड़कों और हाईवे को ब्लॉक कर दिया। नार्को-ब्लॉकेड के चलते प्यूर्टो वल्लार्टा के डाउनटाउन और एमिलियानो ज़ापाटा इलाके में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए। उपद्रवियों ने रणनीति के तहत वाहनों में आग लगाकर रास्ते बंद कर दिए। शहर के आसमान में धुएं का घना गुबार छा गया और हेलीकॉप्टर लगातार निगरानी करते दिखाई दिए।
अगर एल मेंचो की पृष्ठभूमि की बात करें तो वह बचपन में खेतों में मजदूरी करता था। बाद में वह अमेरिका गया, जहां उसे हेरोइन तस्करी के आरोप में जेल हुई और फिर उसे मेक्सिको निर्वासित कर दिया गया। वापस लौटने के बाद उसने कुछ समय पुलिस में काम किया, लेकिन धीरे-धीरे अपराध की दुनिया में उतर गया। शुरुआत में उसने सिनालोआ कार्टेल के साथ काम किया और बाद में अपना अलग गैंग CJNG खड़ा कर लिया। एल मेंचो अपनी बर्बरता के लिए बदनाम था और विरोधियों को डराने के लिए बेहद हिंसक तरीकों का इस्तेमाल करता था। माना जाता है कि वह अपनी पकड़ मजबूत रखने के लिए पुलिस और प्रशासन में बड़े पैमाने पर रिश्वत भी देता था।